पर्यावरण दृष्टि से संवेदनशील होने के कारण ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) उद्योग धंधों पर ग्रहण लगा है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने नए उद्योगों की स्थापना और पुराने उद्योगों के विस्तार पर रोक लगा रखी है। ऐसे में 13 फरवरी को प्रस्तावित बजट से आगरा के उद्यमियों और कारोबारी जगत को नई सौगातों की उम्मीद है।
आगरा का मुख्य उद्योग चमड़ा (फुटवियर) है। 2017 के बाद से हर बजट में ओडीओपी के माध्यम से आगरा के फुटवियर उद्योग को ऋण, सब्सिडी और आधुनिक मशीनों के लिए बजट मिला। लेकिन, इससे जुड़े लगभग दो लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर नहीं बढ़े। सरकार ने आगरा को आईटी हब बनाने के लिए शास्त्रीपुरम में आईटी पार्क का निर्माण कराया है।
वर्ष 2023-24 और 2024-25 के बजट में इसके संचालन और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए फंड आवंटित किया गया है, लेकिन यह पार्क उद्घाटन की बाट जोह रहा है। पीएम मित्र एवं लेदर पार्क की घोषणाएं भी धरातल पर नहीं उतर सकीं। आगरा के निकट मेगा लेदर क्लस्टर बनाने की घोषणा भी हवा हो गई। जबकि इसके लिए राज्य सरकार ने भूमि अधिग्रहण और बिजली आपूर्ति जैसे कार्यों के लिए अनुपूरक बजट में भी प्रावधान किए थे।
बजट 2023-24 में आगरा में यूनिटी मॉल बनाने की घोषणा की गई। इसका उद्देश्य आगरा के पेठा, मार्बल इनले और फुटवियर को वैश्विक स्तर पर प्रमोट करना है, जिससे स्थानीय सूक्ष्म उद्योगों को बड़ा बाजार मिल सके। मॉल निर्माण के लिए शिल्पग्राम में काम कछुआ चाल से हो रहा है। हजारों युवाओं को अपना उद्योग शुरू करने के लिए शुरू की गई सीएम स्वरोजगार योजना के तहत 2017-2024 के बीच करोड़ों रुपये का ऋण और सब्सिडी वितरित की गई है।
एक नजर में आठ साल का हाल
– 2018-19 में एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) के लिए 250 करोड़ आवंटन की घोषणा की गई। चमड़ा उद्योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने और कारीगरों को टूलकिट वितरित करने थे।
– 2019-20 में निर्यात संवर्धन के लिए 20 करोड़ आवंटन की घोषणा की गई। आगरा में निर्यात केंद्र की स्थापना और उद्यमियों को प्रशिक्षण देने के लिए प्रावधान था।
– 2021-22 में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर आगरा-लखनऊ के लिए 100 करोड़ आवंटन की घोषणा की गई। एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक हब विकसित नहीं हो सका।
– 2022-23 में चमड़ा क्लस्टर विकास के लिए 50 करोड़ प्रावधान था। आगरा में लेदर पार्क और आधुनिक टेस्टिंग लैब की स्थापना नहीं हो सकी।
– 2023-24 में यूनिटी मॉल के लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया। ओडीओपी उत्पादों और हस्तशिल्प की बिक्री व प्रदर्शन के लिए मॉल का निर्माण शुरू हुआ।
– 2024-25 में आईटी पार्क के लिए 15 करोड़ आवंटन की घोषणा। शास्त्रीपुरम में आईटी पार्क तैयार हो चुका, लेकिन उद्घाटन के इंतजार में शुरू नहीं हो पा रहा।
बनाई जाए आईटी सिटी
नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के अध्यक्ष संजय गोयल का कहना है कि आगरा में पर्यावरण दृष्टि से आईटी सिटी बनाने की मांग बहुत पुरानी है। बजट में सरकार को घोषणा की करनी चाहिए। आईटी आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाए।
खोखले हैं बजट के दावे
फेडरेशन ऑफ उद्योग व्यापार एसोसिएशन के हरेश अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार आगरा के उद्योग धंधों को लेकर गंभीर नहीं। बजट में जो घोषणाएं की जाती हैं, वह खोखली हैं। धरातल पर रोजगार खत्म हो रहा है। उद्योग-धंधे संकट से जूझ रहे हैं।
आगरा को मिले विशेष पैकेज
आगरा गुड्स कैरियर, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक शर्मा का कहना है कि बजट में आगरा के लिए सरकार को विशेष पैकेज देना चाहिए। जिससे कि शहर में उद्योग धंधों को बचाया जा सके। टीटीजेड के कारण कोई नया उद्योग नहीं लग पा रहा।
