Muzaffarnagar जनपद में एक बड़ी संभावित टकराव की स्थिति उस समय टल गई, जब थाना छपार क्षेत्र में नेशनल हाईवे 334 पर प्रस्तावित किसान आंदोलन और रोड जाम को प्रशासन ने समय रहते संभाल लिया।
युवा प्रदेश अध्यक्ष अंकित गुर्जर के नेतृत्व में किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन और सड़क जाम का ऐलान किया था, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात ठप होने की आशंका बन गई थी। लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तत्परता, संवाद और निर्णय क्षमता के चलते हालात बिगड़ने से पहले ही नियंत्रण में आ गए।


NH-334 पर आंदोलन की घोषणा से प्रशासन अलर्ट, भारी पुलिस बल तैनात

जैसे ही प्रशासन को NH-334 पर बड़े आंदोलन और रोड जाम की सूचना मिली, पूरे सिस्टम को अलर्ट मोड पर डाल दिया गया।
थाना छपार क्षेत्र में सुबह से ही पुलिस की आवाजाही बढ़ गई और यातायात व्यवस्था को लेकर रणनीति तैयार की जाने लगी।
Muzaffarnagar News के अनुसार, प्रशासन को यह भली-भांति अंदाजा था कि यदि हाईवे जाम होता है तो—

  • लंबी दूरी के यात्री फंस सकते हैं

  • मालवाहक वाहनों की आवाजाही रुक सकती है

  • कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है

इसी को देखते हुए धरना शुरू होने से पहले ही प्रशासन ने संवाद का रास्ता अपनाया।


थाना छपार प्रभारी मोहित सहरावत की सूझबूझ, टकराव से पहले बातचीत की पहल

इस पूरे घटनाक्रम में थाना छपार प्रभारी मोहित सहरावत की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है।
उन्होंने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए आंदोलन स्थल पर पुलिस बल के साथ सख्ती दिखाने के बजाय, समस्या के मूल तक पहुंचने की रणनीति अपनाई।
Muzaffarnagar News के अनुसार, मोहित सहरावत ने संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को सीधे अंकित गुर्जर के कार्यालय पर बुलाया, ताकि किसानों की बात को मौके पर ही सुना जा सके।

यह कदम प्रशासन की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें टकराव नहीं बल्कि समाधान को प्राथमिकता दी गई।


आरटीओ सुशील मिश्रा ने दिखाई प्रशासनिक संवेदनशीलता, किसानों की समस्याएं सुनीं

इस वार्ता में आरटीओ सुशील मिश्रा की सक्रियता भी विशेष रूप से चर्चा में रही।
उन्होंने केवल औपचारिक बातचीत तक सीमित न रहते हुए किसानों की समस्याओं को विस्तार से सुना और उनके निस्तारण की प्रक्रिया तुरंत शुरू कराई।
किसानों द्वारा रखी गई शिकायतों और मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए, आरटीओ ने आश्वासन दिया कि—

  • वैध मांगों का शीघ्र समाधान किया जाएगा

  • अनावश्यक देरी नहीं होगी

  • विभागीय स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

Muzaffarnagar News में इसे प्रशासन की सकारात्मक कार्यशैली के रूप में देखा जा रहा है, जिसने हालात को शांत करने में अहम भूमिका निभाई।


किसानों की नाराजगी संवाद में बदली, आंदोलन की धार हुई नरम

काफी समय से किसान अपनी समस्याओं को लेकर नाराज चल रहे थे और आंदोलन के जरिए दबाव बनाने की तैयारी में थे।
लेकिन अधिकारियों के सकारात्मक रवैये और मौके पर ही समाधान की प्रक्रिया शुरू होने से किसानों का रुख बदला।
युवा प्रदेश अध्यक्ष अंकित गुर्जर ने प्रशासनिक पहल की सराहना करते हुए स्पष्ट किया कि किसानों का उद्देश्य सड़क जाम कर जनता को परेशान करना नहीं है, बल्कि अपनी समस्याओं का समाधान कराना है।


धरना स्थगित करने की घोषणा, हाईवे पर राहत की सांस

प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई सफल वार्ता के बाद अंकित गुर्जर ने धरना और रोड जाम को स्थगित करने की घोषणा कर दी।
उन्होंने कहा कि—
“हमारा उद्देश्य केवल विरोध करना नहीं, बल्कि समाधान निकालना है। प्रशासन ने जिम्मेदारी दिखाई है, इसलिए हम अपना आंदोलन फिलहाल वापस ले रहे हैं।”

Muzaffarnagar News के अनुसार, इस फैसले के बाद नेशनल हाईवे 334 पर यातायात पूरी तरह सामान्य बना रहा और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई।


किसान संगठन के कई प्रमुख चेहरे रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण बैठक और निर्णय के दौरान किसान संगठन के कई प्रमुख और सम्मानित सदस्य मौजूद रहे।
इनमें विशेष रूप से—

  • रिहान चौधरी, पश्चिमी प्रदेश अध्यक्ष

  • मुकेश गुर्जर

  • सलीम मलिक

  • इरशाद रई

  • विनीत त्यागी

  • इसराइल त्यागी

  • असजद त्यागी

सहित अन्य साथी शामिल रहे। सभी ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संवाद को सकारात्मक बताया और समाधान की दिशा में भरोसा जताया।


जनता को बड़ी राहत, व्यापार और यातायात पर नहीं पड़ा असर

यदि यह आंदोलन और रोड जाम होता, तो Muzaffarnagar News के अनुसार आम जनता, व्यापारियों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता।
लेकिन समय रहते समाधान निकलने से—

  • स्कूली वाहन

  • एंबुलेंस सेवाएं

  • दैनिक यात्री

  • मालवाहक ट्रक

सभी प्रभावित होने से बच गए।
स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों ने भी प्रशासन की इस पहल की सराहना की।


प्रशासन और किसान संवाद का उदाहरण, भविष्य के लिए संकेत

इस पूरे घटनाक्रम को Muzaffarnagar News में प्रशासन और किसान संगठनों के बीच संवाद की सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
यह स्पष्ट संदेश गया है कि समस्याओं का समाधान सड़क जाम और टकराव से नहीं, बल्कि बातचीत और जिम्मेदार रवैये से संभव है।


Muzaffarnagar में NH-334 पर संभावित बड़े आंदोलन का टलना प्रशासन की तत्परता, संवाद और संतुलित रणनीति का परिणाम माना जा रहा है। थाना छपार पुलिस, आरटीओ और किसान नेतृत्व के बीच हुई समझदारी भरी बातचीत ने यह साबित कर दिया कि समय रहते उठाया गया सही कदम न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत करता है, बल्कि आम जनता को भी बड़ी राहत देता है। आने वाले समय में इस तरह के संवादात्मक प्रयास जिले में शांति और स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

 



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