बरेली के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर के डेन कैफे में नर्सिंग की छात्रा के जन्मदिन की पार्टी के दौरान तोड़फोड़ और मारपीट का मामला गरमाता जा रहा है। मामला हिंदू मुस्लिम आधार पर सोशल मीडिया पर बहस का मुद्दा बन गया है। प्रेमनगर थाना प्रभारी अपने फैसलों को लेकर सोशल मीडिया पर कटाक्ष का शिकार हो रहे हैं तो सीओ प्रथम की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
घटना के मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर ने भगवा गमछा गले में डालकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर डाला है। उसने खुद को और अपने साथियों को निर्दोष बताया है। कहा है कि दूसरे समुदाय के लड़कों के साथ उस लड़की को देखकर उन लोगों ने विरोध किया था। मैंने कुछ गलत नहीं किया था। वे लोग केवल धार्मिक आधार पर उन लड़कों की हरकत का विरोध कर रहे थे। अब पुलिस उनके पीछे पड़ी है। उनके पिता को सुभाषनगर थाने में बैठा रखा है। आरोपी ने हाथ जोड़कर सीएम योगी से उचित कार्रवाई करवाने की गुहार लगाई।
बजरंग दल के पदाधिकारी ने सीओ प्रथम पर लगाया ये आरोप
बजरंग दल के सह विभाग संयोजक आर्यन चौधरी ने इस मामले में सीओ प्रथम को घेरने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा है कि सीओ प्रथम की मानसिकता हमेशा से धर्म विरोधी रही है और इसीलिए उनके इलाके में धर्म परिवर्तन जैसी गतिविधियां चल रही हैं, जिनके प्रमाण वह उपलब्ध करा सकते हैं।
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इधर, सुभाषनगर थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह का कहना है कि ऋषभ ठाकुर को जिला बदर करने का आदेश अगस्त में ही हो चुका है। वह पुलिस को आज तक नहीं मिल सका है ताकि उसे नोटिस तामील करके जिले की सीमा से बाहर छोड़ा जा सके। उस पर चोरी व जानलेवा हमले के मामले दर्ज हैं। इन मुकदमों से जुड़ी अखबार की खबरों की कटिंग भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
