अमर उजाला के बरेली संस्करण के 58वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को श्यामगंज स्थित कार्यालय परिसर में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के हिमवीरों और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के जवानों ने सहभागिता की। वह अमर उजाला के अब तक के सफर से रूबरू हुए। डॉक्यूमेंट्री के जरिये स्थापना से लेकर अब तक के बदलते स्वरूप को जाना। पूर्व सैनिकों ने अमर उजाला से जुड़े संस्मरण साझा किए।
आईटीबीपी बुखारा कैंप तृतीय वाहिनी के उप सेनानी मोहित वर्मा ने कहा कि समाचार पत्र सिर्फ कागज भर नहीं, बल्कि ज्ञान, सूचना, जागरूकता का जरिया है। सोशल मीडिया पर वायरल फेक न्यूज के दौर में प्रमाणिक और विश्वसनीय सूचना सिर्फ समाचार पत्र से ही मिलती है। अखबार हमें देश का जिम्मेदार नागरिक बनाता है। ये जनसमस्याओं को उठाकर सरकार की जवाबदेही तय कराते हैं। जनता और प्रशासन के बीच संवाद का अहम जरिया हैं।
