
बसपा सुप्रीमो मायावती।
– फोटो : amar ujala
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बसपा के गांव चलो अभियान में टीम के प्रदर्शन का आकलन कर ही मेहनतकश लोगों को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा गांवों में नए लोगों को पार्टी से जोड़कर जनाधार बढ़ाने पर जोर रहेगा।
प्रदेश में ”गांव चलो” अभियान को लेकर पार्टी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 की राह गांवों से होकर ही निकलेगी। नगर निकाय में नगरों की जनता ने तो बसपा पर कम भरोसा जताया। ऐसे में गांवों में अतिरिक्त मेहनत करनी होगी। इस अभियान की पूरी रूपरेखा पार्टी पदाधिकारियों को समझा दी गई है।
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कहा गया है कि गांव-गांव जाकर काडर वोटर, नए वोटर और महिला वोटरों पर फोकस करना होगा। मुस्लिमों पर भी काम करना होगा। मुस्लिम लगातार छिटक रहे हैं। ऐसे में उन्हें लोकसभा चुनाव तक जोड़ना होगा। बसपा कोआर्डिनेटरों ने अभियान के लिए बैठकें शुरू कर दी हैं।
जिलाध्यक्ष के काम का आकलन अलग से
मायावती ने कोआर्डिनेटरों से कहा है कि अपेक्षित सफलता न मिलने या लक्ष्य पूरा न करने का ठीकरा चुनिंदा लोगों पर ही फोड़ा जाए। महिलाओं की टीमों को भी गांव गांव भेजा जाए। बेहतर काम करने वाली टीम को आगे बढ़ाया जाएगा। मंडल से लेकर बूथ स्तर तक टीम तैयार है। सेक्टर प्रभारियों को लगाया गया है। जिलाध्यक्ष केवल दूसरों के काम की समीक्षा न करें बल्कि खुद भी अपनी टीम को लेकर गांव चलो अभियान में जुटें। उनके काम का आकलन अलग से होगा।
