यूपी बोर्ड परीक्षाओं में कक्ष निरीक्षक ड्यूटी में बेसिक शिक्षक लापरवाही बरत रहे हैं। करीब 3500 शिक्षकों की ड्यूटी परीक्षा केंद्रों पर लगाई गई है लेकिन कई शिक्षकों ने अब तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया। ड्यूटी से बचने के लिए सिफारिश, चिकित्सीय कारण और पारिवारिक समस्याओं का हवाला दे रहे हैं। साथ ही बोर्ड ड्यूटी का नाम लगाकर बीएलओ का कार्य भी नहीं किया जा रहा है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार गोंड ने शुक्रवार को 95 शिक्षकों का एक माह का वेतन रोकने के आदेश जारी किए थे। इस कार्रवाई के बाद कुछ शिक्षकों ने ड्यूटी जॉइन की, फिर भी स्थिति संतोषजनक नहीं है। बीएसए ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में लगभग 3500 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।

जिन शिक्षकों की वास्तविक और प्रमाणित समस्या होती है, उन्हें जांच के बाद नियमानुसार राहत दी जाती है। बिना ठोस कारण ड्यूटी से अनुपस्थित रहना या बहाने बनाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच में कुछ लोगों की बहानेबाजी सामने आई। उन्हें चेतावनी दी गई है कि वेतन रोकने के साथ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

यूपी बोर्ड परीक्षा की शुरूआत में ही कई केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक नहीं पहुंचे थे। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से बेसिक विभाग को शिकायत की गई थी। जिसके बाद कार्रवाई की गई। संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि बोर्ड परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

बीएलओ का कार्य भी नहीं कर रहे

बोर्ड ड्यूटी ही नहीं कई शिक्षक बीएलओ के कार्य में भी सक्रिय नहीं हैं। बीएलओ ड्यूटी से बचने के लिए बोर्ड परीक्षा ड्यूटी का हवाला देते हैं, जबकि वे परीक्षा केंद्रों पर भी उपस्थित नहीं हैं। यानी दोनों ही जिम्मेदारियों में बहानेबाजी की जा रही है।

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *