बीमा क्लेम की रकम हड़पने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। न्यायालय के आदेश पर थाना बहजोई पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों की कुल 11 करोड़ 89 लाख 51 हजार की अवैध संपत्ति कुर्क कर दी है।
यह कार्रवाई जनपद संभल के अलावा वाराणसी, बदायूं और गौतमबुद्धनगर में की गई। लाउडस्पीकर से मुनादी कराने के साथ संपत्तियों पर नोटिस चस्पा कर उन्हें सील कर दिया गया है। मौके पर सीओ बहजोई डॉ. प्रदीप कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के बारे में पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि गिरोह में शामिल आरोपी भोले-भाले लोगों का बीमा कराता था। इसके बाद फर्जी तरीके से क्लेम की राशि हड़प लेता था।
जांच में यह भी उजागर हुआ कि गिरोह देश के 12 से अधिक राज्यों में सक्रिय था और अब तक 100 करोड़ से अधिक का घोटाला कर चुका था। इस मामले में मुरादाबाद, बदायूं, अमरोहा समेत विभिन्न जिलों में 25 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं।
अब तक 70 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जांच के दौरान कई ऐसी हत्याओं का भी खुलासा हुआ, जिन्हें बीमा की रकम हड़पने के उद्देश्य से अंजाम दिया गया था। पुलिस के अनुसार गिरोह को आशा कर्मियों, इन्वेस्टिगेशन एजेंसियों, बीमा कंपनियों और बैंक कर्मचारियों की भी मदद मिलती थी।
गिरोह के 25 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया जा चुका है। थाना रजपुरा में ओंकारेश्वर मिश्रा करन सहित 25 अभियुक्तों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
सोमवार को तहसीलदार गुन्नौर रविंद्र कुमार विक्रम, सीओ बहजोई डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, बहजोई थाना प्रभारी संत कुमार और बबराला थाना प्रभारी सौरभ त्यागी पुलिस बल के साथ बबराला पहुंचे। यहां अभियुक्त सचिन शर्मा उर्फ मोनू की नाै करोड़ 18 लाख 72 हजार की संपत्ति को कुर्क किया गया। मुनादी के बाद संपत्तियों पर नोटिस चस्पा कर ताला लगाकर सील कर दिया गया।
