Budhana honey trap gang के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बुढ़ाना Muzaffarnagar पुलिस ने एक संगठित ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। यह गिरोह सोशल मीडिया और वीडियो कॉल के जरिए लोगों को जाल में फंसाकर अश्लील वीडियो बनाता था और फिर झूठे बलात्कार के मामलों में फंसाने की धमकी देकर लाखों रुपये वसूलता था। पुलिस ने इस गिरोह के दो वांछित सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से दो लाख रुपये नकद बरामद किए हैं, जिससे पूरे नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं।
🔴 बुढ़ाना में कैसे टूटा हनीट्रैप का जाल
यह पूरा मामला तब सामने आया जब पीड़ित फिरोज मलिक ने थाना बुढ़ाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। फिरोज के अनुसार 6 जनवरी को सना नाम की महिला ने उसे वीडियो कॉल किया और दोस्ती बढ़ाने के बाद मिलने का प्रस्ताव दिया। अगले दिन यानी 7 जनवरी को जब फिरोज अपने एक दोस्त के साथ बताए गए स्थान पर पहुंचा, तो वहां पहले से एक सोची-समझी साजिश तैयार थी।
Budhana honey trap gang की महिलाओं और पुरुषों ने मिलकर फिरोज की अश्लील वीडियो बना ली और फिर उसे बलात्कार के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर तमंचा दिखाते हुए डराया। इसके बाद फिरोज और उसके दोस्त से तीन लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए।
🔴 पुलिस की तेज़ कार्रवाई और गिरोह की धरपकड़
शिकायत मिलते ही बुढ़ाना पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर एक विशेष टीम का गठन किया। यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन, पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आदित्य बंसल, क्षेत्राधिकारी बुढ़ाना गजेन्द्र पाल सिंह और थाना प्रभारी सुभाष बाबू अत्री के मार्गदर्शन में की गई।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने बडौत रोड पर दबिश देकर Budhana honey trap gang के दो अहम सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से दो लाख रुपये नकद बरामद हुए, जो पीड़ित से वसूले गए पैसे का हिस्सा बताए जा रहे हैं।
🔴 गिरफ्तार आरोपी कौन हैं
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
समसू पुत्र आबाद, निवासी ग्राम दोझा, थाना बिनौली, बागपत तथा मूल निवासी ठठेरों वाली गली, मुबारक शाह, थाना मंडी, सहारनपुर।
उस्मान पुत्र आबाद, निवासी ग्राम दोझा, थाना बिनौली, बागपत।
पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि वे एक संगठित Budhana honey trap gang का हिस्सा हैं, जिसमें महिलाएं और पुरुष मिलकर लोगों को फंसाते थे।
🔴 महिलाओं के जरिए चलता था पूरा जाल
गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि इस गिरोह में सना, समा परवीन, गुलबहार, सलमान उर्फ शहजाद समेत कई लोग शामिल हैं। गिरोह की महिलाएं अनजान पुरुषों से वीडियो कॉल पर बातचीत कर उन्हें मिलने बुलाती थीं। जैसे ही पीड़ित वहां पहुंचता, उसे किसी न किसी तरह नग्न अवस्था में वीडियो रिकॉर्ड कराने के लिए मजबूर किया जाता।
इसके बाद गिरोह के सदस्य उस वीडियो को वायरल करने, झूठे बलात्कार केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी देकर मोटी रकम वसूलते थे। यह तरीका कई महीनों से चल रहा था और कई लोग इनके जाल में फंस चुके थे।
🔴 डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराध
Budhana honey trap gang का मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि डिजिटल युग में अपराध के तरीके भी बदल गए हैं। वीडियो कॉल, सोशल मीडिया और ऑनलाइन चैटिंग अब अपराधियों के हथियार बनते जा रहे हैं। लोग भावनाओं में बहकर अनजान व्यक्तियों पर भरोसा कर लेते हैं और यही भरोसा अपराधी अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करते हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में सबसे जरूरी है कि लोग सतर्क रहें और किसी भी अनजान कॉल या वीडियो चैट से दूरी बनाए रखें।
🔴 पुलिस टीम की भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन में थाना बुढ़ाना पुलिस की टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम में
प्रभारी निरीक्षक सुभाष अत्री,
उपनिरीक्षक ललित कुमार,
संदीप सिंह, शुभम सिंह,
हेड कांस्टेबल नीरज त्यागी,
सुनील कुमार, निर्वेश, हरीश पाल, मनोज कुमार,
और कांस्टेबल इस्फाक शामिल रहे।
इनकी सतर्कता और समन्वय से Budhana honey trap gang के खिलाफ यह बड़ी सफलता हासिल हुई।
🔴 आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य फरार सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है। बैंक खातों, मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है ताकि इस गिरोह द्वारा की गई अन्य ठगी और ब्लैकमेलिंग के मामलों का पता लगाया जा सके।
Budhana honey trap gang का पर्दाफाश पुलिस की एक बड़ी कामयाबी है, जिसने डिजिटल ब्लैकमेलिंग के खतरनाक नेटवर्क को उजागर कर दिया है। यह कार्रवाई उन सभी लोगों के लिए चेतावनी है जो ऑनलाइन भरोसे के जाल में फंस सकते हैं, और यह भरोसा दिलाती है कि कानून ऐसे अपराधियों को बख्शने वाला नहीं है।
