बुढाना।(Muzaffarnagar) एक बार फिर सड़क हादसों की भयावह तस्वीर सामने आई है। नेशनल हाईवे 709 पर एक तेज रफ्तार कार ने ट्रैक्टर-थ्रेशर से जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक पल की लापरवाही ने जानलेवा मंजर पैदा कर दिया।

CCTV फुटेज में कैद हुआ भयानक हादसा

घटना थाना बुढाना क्षेत्र के इटावा गांव के पास हुई। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि ट्रैक्टर-थ्रेशर सड़क पार कर रहा था, तभी अत्यधिक गति से आ रही कार ने उससे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का आगे का हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया, जबकि ट्रैक्टर-थ्रेशर लड़खड़ाते हुए बाल-बाल पलटने से बच गया।

चमत्कारिक रूप से बच गए दोनों वाहनों के सवार

हादसे में कार सवार युवक और ट्रैक्टर चालक दोनों को मामूली चोटें आईं, लेकिन जान का कोई नुकसान नहीं हुआ। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों की मदद की। पुलिस के अनुसार, कार चालक फुगाना थाना क्षेत्र के खरड़ गांव का रहने वाला है, जबकि ट्रैक्टर चालक इटावा गांव का निवासी है।

हादसे के बाद हुई कहासुनी, फिर बना आपसी समझौता

टक्कर के बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, लेकिन बाद में मामला आपसी सहमति से सुलझा लिया गया। चूंकि किसी ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई, इसलिए प्रशासन ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि, यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और गति सीमा का पालन न करने के खतरों को उजागर करती है।

तेज रफ्तार वाहन: जानलेवा खेल

यह हादसा सवाल खड़ा करता है कि क्या हम सड़कों पर लापरवाही से जीवन दांव पर लगा रहे हैं? नेशनल हाईवे पर वाहन चालक अक्सर गति सीमा को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसके परिणाम भयावह होते हैं। पिछले कुछ वर्षों में मुजफ्फरनगर और आसपास के इलाकों में ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां तेज रफ्तार वाहनों ने जानलेवा हादसों को जन्म दिया है।

पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल

स्थानीय निवासियों का कहना है कि अक्सर हाईवे पर पुलिस की गश्त कम होती है, जिसके चलते वाहन चालक बेखौफ होकर गति सीमा का उल्लंघन करते हैं। क्या यह जरूरी नहीं कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए? अगर समय रहते स्पीड लिमिट और ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए, तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।

सड़क सुरक्षा: हम सबकी जिम्मेदारी

यह घटना हम सभी के लिए एक सबक है। सड़क पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतना और गति सीमा का पालन करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। एक पल की लापरवाही किसी की जिंदगी को तबाह कर सकती है। अगर हम सभी जागरूकता दिखाएं, तो ऐसे हादसों को कम किया जा सकता है।

मुजफ्फरनगर का यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि सड़क सुरक्षा कोई मजाक नहीं है। अगर समय रहते सख्त नियम लागू किए जाएं और जागरूकता बढ़ाई जाए, तो ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। फिलहाल, इस घटना में शामिल सभी लोग सुरक्षित हैं, लेकिन यह चेतावनी हम सभी के लिए है कि सड़क पर सावधानी ही सुरक्षा की पहली कुंजी है।

 



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