मुरादाबाद के डिलारी के गांव काजीपुरा में मासूम नुरसद (4) की मां के आंसू थम नहीं रहे हैं। जिस फूल सी बेटी से उसके घर का आंगन महकता था वहां मातम पसरा है। बेटी को याद करके परिवार बिलख रहा है लेकिन सिस्टम को फिर भी लाज नहीं आ रही।
खूंखार हो चुके कुत्तों को पकड़ने के लिए केवल बातें ही हो रही हैं। संभल के पौटा गांव में नौ साल की रिया (9) को कुत्तों ने मार डाला था लेकिन वहां दोबारा कोई घटना न हो इसके लिए कुत्तों की धरपकड़ शुरू नहीं कराई गई। पौटा गांव में बंटी के घर भी 11 जनवरी से मातम पसरा है।
बंटी की नौ साल की बेटी रिया को कुत्तों ने नोचकर मार डाला था। वह खेत से अपने घर लौट रही थी। उस दिन जरूर अफसरों ने तेजी दिखाई लेकिन उसके बाद कुत्तों को पकड़ने के लिए कहीं कोई अभियान नहीं चला। दो बेटियों की मौत के बाद भी सिस्टम की नींद नहीं टूटी है।