दोस्त से कम नंबर न रह जाएं…इस बार तो सबसे ज्यादा अंक लाने हैं। यह सोच तनाव बढ़ाएगी और पढ़ाई भी प्रभावित होगी। परीक्षा के लिए जो तैयारी की है, उसे बेहतर प्रस्तुत करने न कर पाने का डर समा जाएगा। ऐसे में मानसिक रोग विशेषज्ञों का कहना है कि हाईपरसेंटेज (उच्च प्रतिशत) के शिकार न बनें। परीक्षा में अपना शत-प्रतिशत दें और आठ घंटे की नींद जरूर लें।

मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के निदेशक प्रो. दिनेश राठौर ने बताया कि परीक्षा और हाईपरसेंटेज लाने के दबाव से बच्चों की तैयारियां प्रभावित होती हैं। प्रश्न का जवाब आने के बावजूद बेहतर ढंग से लिख नहीं पाते या फिर उसे भूल जाते हैं। परिजन को सलाह है कि वे बच्चों पर दबाव न बनाएं।

तनाव हो तो हेल्पलाइन नंबर मिलाएं

मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के हेल्पलाइन नंबर 14416 पर 24 घंटे काउंसलिंग की सुविधा है। यहां पर विशेषज्ञ फोन पर किसी भी तरह की मानसिक परेशानी को सुनकर उसके समाधान के बारे में बताते हैं। काउंसलिंग भी की जाती है। बच्चे या परिजन कोई भी इस नंबर पर फोन कर परेशानी बता सकते हैं।

चाय-काफी से बचें, फास्ट फूड न खाएं

एसएन मेडिकल कॉलेज की डायटीशियन मिनी शर्मा ने बताया कि कई विद्यार्थी देर तक जागने के लिए चाय-कॉफी अधिक पीने लगते हैं। इससे पाचन तंत्र गड़बड़ होने की परेशानी हो सकती है। फास्ट फूड और बाहर का भोजन कतई न करें। थोड़ी-थोड़ी देर पर पानी जरूर पीएं। शाम का भोजन जल्द करें और सामान्य दिनों के मुकाबले 15-20 फीसदी भोजन कम करें।

इन बातों का रखें ध्यान

– तकिया के नीचे मोबाइल रखकर न सोएं।

– नया पढ़ने के बजाय जो तैयार किया है, उसका ही अभ्यास करें।

– हर 45 मिनट बाद पांच मिनट का ब्रेक लें। सोशल मीडिया से बचें।

– एक ही स्थान पर लंबे समय तक बैठकर पढ़ाई करने से बचें।

– फल, सलाद अधिक खाएं। हाई प्रोटीनयुक्त भोजन करें।

– नींद से बचाव के लिए चना, मूंगफली, चिक्की, ड्राईफ्रूट खाएं।

– मैदा, छाेले, राजमा समेत गरिष्ठ भोजन और तली सामग्री से बचें।



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