आगरा में शाम छह बजे…पुलिस लाइन में अचानक हवाई हमला होने लगा। सायरन गूंजते ही बिजली कट गई। अंधेरा छा गया। हताहतों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया। दरअसल, यह वास्तविक हमला नहीं था। शुक्रवार को यह नजारा मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा और बचाव के अभ्यास का था।

उत्तर प्रदेश दिवस और नेताजी सुभाष बोस जयंती पर सिविल डिफेंस ने शुुक्रवार को पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल आयोजित कराया। जिलाधिकारी अरविंद बंगारी ने बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान हवाई हमले की घोषणा होते ही पूरी पुलिस लाइन में ब्लैक आउट कर दिया गया। हमले में घायल लोगों को बचाने के लिए सिविल डिफेंस और आपदा प्रबंधन की टीमों ने मोर्चा संभाला।

मलबे और धुएं के बीच से घायलों को सुरक्षित निकाला गया। स्वास्थ्य टीम ने प्राथमिक उपचार किया। गंभीर घायलों को एंबुलेंस से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। आग को दमकल ने तत्परता दिखाते हुए काबू में किया।

मानसिक तैयारी सबसे जरूरी- डीएम

मॉक ड्रिल में शामिल जिलाधिकारी ने कहा कि यह ड्रिल केवल एक प्रदर्शन नहीं है, बल्कि आपातकालीन स्थिति में हमारी मानसिक तैयारी और विभागों के बीच आपसी समन्वय को परखने का जरिया है। ऐसे हालात में मानसिक तैयारी सबसे जरूरी होती है। एडीएम सिटी यमुनाधर चौहान ने कम समय में बेहतर रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए सभी विभागों की सराहना की। इस अभ्यास में पुलिस बल, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन दल और सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों ने हिस्सा लेकर अपनी त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का सफल प्रदर्शन किया।



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