Muzaffarnagar। सावन का महीना जब अपने पूरे शबाब पर होता है, तब पूरा उत्तर भारत शिवभक्ति में लीन नजर आता है। इसी भक्ति और उत्साह के माहौल में मुजफ्फरनगर के शिव चौक पर एक दुर्लभ दृश्य सामने आया, जब हिंदू युवा वाहिनी ने कांवड़ यात्रा पर लौट रहे शिवभक्तों के लिए सेवा का भावपूर्ण आयोजन किया।
हिंदू युवा वाहिनी का सेवा पर्व: श्रद्धा और संगठन का मिलन
इस पुण्य आयोजन की अगुवाई हिंदू युवा वाहिनी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रह्लाद पाहुजा ने की। उन्होंने अपने दर्जनों साथियों के साथ घंटों तक हरिद्वार से लौट रहे कांवड़ यात्रियों को केले, सेव, आम, नाशपाती और अमरूद जैसे ताजे और पौष्टिक फलों का वितरण किया। गर्मी से तपे और सफर की थकान लिए इन श्रद्धालुओं के चेहरों पर मुस्कान लाने का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय था।
प्रह्लाद पाहुजा बोले: “कांवड़ यात्रा केवल श्रद्धा नहीं, यह हमारी संस्कृति की धारा है”
फल वितरण कार्यक्रम के दौरान प्रह्लाद पाहुजा ने भावुक होकर कहा,
“सावन मास पवित्रता, भक्ति और भाईचारे का प्रतीक है। यह वह समय होता है जब शिवभक्तों की आस्था सड़कों पर उतरती है। हम सभी का दायित्व बनता है कि हम इस आस्था की रक्षा करें, उसका सम्मान करें और जहां तक संभव हो, उनकी सेवा करें।”
उन्होंने आगे कहा कि हरिद्वार से लेकर मुजफ्फरनगर तक का मार्ग भगवा रंग में रंगा हुआ है और यह दृश्य हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। “यह हमारी सनातन संस्कृति की जीवंतता का प्रमाण है,” उन्होंने कहा।
कांवड़ यात्रा: सेवा, सुरक्षा और समर्पण की त्रिवेणी
प्रह्लाद पाहुजा ने प्रशासन की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि इस बार जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने बेहद मुस्तैदी और सतर्कता से व्यवस्था को संभाला है। उन्होंने खासतौर पर मुजफ्फरनगर पुलिस कप्तान की प्रशंसा करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने में प्रशासन ने कोई कसर नहीं छोड़ी।
शिव चौक पर उमड़ा भक्तों का सैलाब, बनी आस्था की मिसाल
सावन के इस विशेष अवसर पर शिव चौक पर उमड़ा कांवड़ियों का जनसैलाब यह दर्शाता है कि यह सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि एक सामाजिक और सांस्कृतिक आंदोलन बन चुका है। लोगों की भागीदारी, समाजसेवियों की सक्रियता और प्रशासन की संवेदनशीलता इस यात्रा को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही है।
फल वितरण के बहाने जागा सेवा भाव, युवा जुड़े अभियान से
हिंदू युवा वाहिनी के इस सेवा आयोजन ने न केवल श्रद्धालुओं को राहत दी, बल्कि कई युवाओं को भी प्रेरित किया। मुजफ्फरनगर के अलग-अलग इलाकों से आए युवाओं ने इस आयोजन में भाग लेकर एक नई ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने इसे सिर्फ एक धार्मिक कर्तव्य नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का माध्यम बताया।
कांवड़ यात्रा 2025: बढ़ती लोकप्रियता, बढ़ती जिम्मेदारियां
हर साल कांवड़ यात्रा में भाग लेने वालों की संख्या में भारी इजाफा हो रहा है। 2025 की यात्रा में अब तक लाखों श्रद्धालु हरिद्वार से जल लेकर देशभर के शिव मंदिरों की ओर प्रस्थान कर चुके हैं। ऐसे में सामाजिक संगठनों की भूमिका और भी अहम हो जाती है। फल वितरण जैसे छोटे मगर प्रभावशाली प्रयास समाज में सकारात्मक ऊर्जा भरते हैं।
भक्ति के इस समंदर में एकता की लहरें
मुजफ्फरनगर में इस बार देखने को मिला कि केवल हिंदू संगठन ही नहीं, स्थानीय नागरिक और अन्य समुदायों के लोग भी सेवा में लगे हैं। यह एक सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण बन चुका है।
बोल बम की गूंज से गूंजा शहर, पुलिस का अनुशासन भी सराहनीय
कांवड़ियों के साथ-साथ सड़कों पर गूंजती “बोल बम” की जयघोष, डीजे की धुन और रथ सज्जाओं ने सावन को और भी भव्य बना दिया। इन सबके बीच ट्रैफिक व्यवस्था, शांति और सुरक्षा का संयोजन पुलिस प्रशासन ने बखूबी संभाला, जिसके लिए वे धन्यवाद के पात्र हैं।
कांवड़ यात्रा 2025 के दौरान मुजफ्फरनगर में देखने को मिले सेवा, सुरक्षा और भक्ति के अद्भुत दृश्य, जो समाज में एक सकारात्मक ऊर्जा और अनुशासन का संदेश देते हैं। Hindu Yuva Vahini द्वारा आयोजित फल वितरण कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि जब संगठन, प्रशासन और आमजन एक साथ आएं, तो कोई भी आयोजन एक उत्सव में तब्दील हो सकता है।