
ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय विधि छात्रों को अब न्यायिक प्रक्रिया को समझने में आसानी होगी। इसके लिए छात्रों को एक बड़ी सौगात के रूप में बुधवार को विश्वविद्यालय की ओर मूर्ट कोर्ट हाल समर्पित कर दिया गया है। डॉ. बीआर अंबेडकर मेमोरियल के नाम से बने इस मूट कोर्ट हॉल का उद्घाटन हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने किया। उद्घाटन समारोह के विशेष अतिथि के रूप में डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अमर पाल सिंह भी बने। इस मौके पर उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अमरेंद्र नाथ त्रिपाठी और विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. अजय तनेजा, प्रो. मसूद आलम, विभागाध्यक्ष डॉ. पीयूष कुमार त्रिवेदी मौजूद रहें।
अभी तक नहीं थी यहां मूट कोर्ट हाल की व्यवस्था
भाषा विश्वविद्यालय में विधि की पढ़ाई 2021 में शुरू हो गयी थी। एलएलएम और एलएलबी की पढ़ाई यहां होती है, लेकिन विधि छात्रों के लिए मूट कोर्ट हाल की व्यवस्था नहीं थी। पांच साल बाद इस हाल की व्यवस्था अब हो पाई है।
विधि छात्रों को होगा ये फायदा
कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने कहा मूट कोर्ट हॉल की स्थापना से विद्यार्थियों को न्यायिक प्रक्रिया की व्यावहारिक समझ आसानी से होगी। उन्होंने कहा इससे कानूनी कौशल का विकास होगा। कुलपति ने कहा मूट कोर्ट विश्वविद्यालयों में विधिक शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो छात्रों को कानूनी मामलों में शोध, लेखन और मौखिक वकालत जैसे कौशल विकसित करने में मदद करता है।
छात्रों का बढेगा व्यावहारिक अनुभव
मूट कोर्ट छात्रों को वास्तविक न्यायालयीन अनुभव प्रदान करता है, जिससे उन्हें अपने भविष्य के करियर के लिए तैयार किया जा सकता है। छात्रों का मूट कोर्ट के माध्यम से न्यायाधीशों के सामने अपने तर्क प्रस्तुत करने में आत्मविश्वास मिलता है। यहां होने वाली मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं छात्रों को प्रतिस्पर्धी भावना को बढ़ावा देने और अपने कौशल को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करती हैं।