आगरा के बजरंग नगर में एक खाली प्लॉट की सोसाइटी से फर्जी रजिस्ट्री बनवाकर बैंक से लोन लेने की कोशिश की गई। बैंक से टीम निरीक्षण करने आई तो पड़ोसियों ने प्लॉट स्वामी को इसकी सूचना दी। इसके बाद शिकायत पर सिकंदरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।

बजरंग नगर के मनोज कपूर ने डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास को प्रार्थनापत्र दिया। बताया कि उनकी बड़ी बहन रीता सिंह पत्नी डॉ. वीरेंद्र सिंह वर्तमान में कानपुर में परिवार सहित रहती हैं। उन्होंने वर्ष 1992 में बजरंग नगर में 200 वर्ग गज का प्लॉट खरीदा था। स्थानीय लोगों से सूचना मिली कि उस प्लॉट पर बैंक से लोन लेने की प्रक्रिया चल रही है। जांच करने पर पता चला कि पंजाब एंड सिंध बैंक, राजपुर चुंगी शाखा में इस प्लॉट पर ओवरड्राफ्ट लेने के लिए आवेदन किया गया है।

यह भी पता चला कि 18 जुलाई, 2025 को इस प्लॉट की कूटरचित व फर्जी रजिस्ट्री दो हिस्सों में कर दी गई है, जो अर्चना कुमारी पत्नी शशांक धाकरे निवासी 129, बजरंग नगर के नाम दर्शाई गई है। मनोज कपूर का आरोप है कि उनकी बहन ने किसी भी बैंक से ऋण या ओवरड्राफ्ट के लिए आवेदन नहीं किया है। आवेदक महिला के पते पर पहुंचने पर मकान टूटा मिला और वहां अर्चना कुमारी नाम की कोई महिला के नहीं रहने की पुष्टि हुई। उन्होंने पूरे प्रकरण में भूमाफिया की संलिप्तता का शक जताया है। थाना प्रभारी ने बताया कि अर्चना कुमारी और अज्ञात भूमाफिया पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।

 



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