काशी पंचांग के अनुसार 14 जनवरी की रात सूर्य मकर राशि में गोचर करेंगे। सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 की रात 9:38 बजे हो रहा है। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के 16 घंटे तक का समय पुण्यकाल होता है। इस कारण मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। इस दिन राशि के अनुसार दान करने से पुण्य मिलता है।

ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही 16 दिसंबर से चल रहा खरमास समाप्त हो जाएगा। शुक्र अस्त के कारण विवाह आदि मांगलिक कार्य फरवरी से शुरू होंगे। मकर संक्रांति में किया गया स्नान-दान और पूजा कई गुना पुण्य देता है। माना जाता है कि इस शुभ काल में दान से अक्षय पुण्य मिलता है और साधक के जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

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धन-यश की वृद्धि के साथ सभी बाधाएं दूर होती हैं। सूर्य व शनि ग्रह मजबूत होकर ग्रह दोष शांत होते हैं, जिससे कॅरिअर, कारोबार में सफलता मिलती है और मोक्ष मिलता है। अन्न, तिल, गुड़, वस्त्र और कंबल का दान विशेष फलदायी माना जाता है। मकर संक्रांति से सूर्य का ”उत्तरायण” शुरू होता है, जिससे खरमास खत्म होता है और शुभ कार्यों की शुरुआत होती है।

मकर संक्रांति पर राशि के अनुसार दान

मेष- गुड़, मूंगफली दाने, तिल

वृषः– दही, तिल, सफेद वस्त्र,

मिथुनः– मूंग दाल, चावल, कंबल

कर्कः– चावल, चांदी, सफेद तिल

सिंहः– तांबा, गुड़, सोना

कन्याः– खिचड़ी, कंबल, हरा वस्त्र

तुलाः- शक्कर, कंबल, सफेद वस्त्र

वृश्चिकः– मूंगा, लाल वस्त्र, तिल

धनुः- पीला वस्त्र , खड़ी हल्दी, सोना

मकरः– काला कंबल, तेल, काला तिल

कुंभः– काला वस्त्र, काली उड़द, खिचड़ी , तिल

मीनः– चने की दाल, चावल, तिल, पीला रेशमी वस्त्र



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