मकर संक्रांति पर इस बार षटतिला एकादशी का विशेष संयोग रहेगा। करीब 23 साल पहले वर्ष 2003 में यह खास संयोग बना था। मकर संक्रांति सूर्य के उत्तरायण होने का महापर्व है जबकि षटतिला एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है। पर्व पर श्रद्धालुओं को सूर्यदेव एवं भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होगी।
ज्योतिष विद्वानों के अनुसार मकर संक्रांति पर एकादशी का संयोग आध्यात्मिक रूप से अक्षय पुण्य फल की प्राप्ति देता है। आचार्य सुबोध शास्त्री के अनुसार मकर संक्रांति पर षटतिला एकादशी एवं अमृत सिद्धि व सर्वार्थ सिद्धि योग के महा संयोग में पर्व पर किए व्रत, पूजा-पाठ तथा दान का विशेष महत्व है। अक्षय पुण्य फल की प्राप्ति, पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है। भाग्य उदय होता है एवं पापों का नाश होता है। उनके अनुसार वर्ष 2003 में मकर संक्रांति पर एकादशी का संयोग रहा था। वहीं, ज्योतिषविद रजनी दीक्षित के अनुसार मकर संक्रांति पर खिचड़ी, तिल, गुड़ का दान करने से सभी ग्रह प्रसन्न होते है। शनि दोष दूर होता है। अन्न व वस्त्र दान से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
