वृंदावन में यमुना में डूबे पांच लोगों की तलाश में बचाव दल के 206 जवान शामिल रहे। इन जवानों ने शनिवार को 14 किमी के दायरे में यमुना खंगाल डाली, लेकिन यमुना में डूबे पांच लोगों का पता नहीं चला है। एक युवक का शव देवरहा बाबा घाट से शनिवार दोपहर बरामद हुआ था। लोगों की तलाश में जुटे बचाव दल ने दिन-रात एक कर दिया। 36 घंटे से अधिक समय में यमुना की लहरों के बीच लोगों की तलाश में रबर बोट और स्टीमर से दौड़ लगाने में जुटे रहे।

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वृंदावन नाव हादसा।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शुक्रवार दोपहर बाद से शनिवार रात तक यमुना में पांच लोगों की तलाश में एनडीआरएफ की आठ, एसडीआरएफ की पांच टीमों के साथ ही पुलिस और पीएससी के गोताखोरों ने यमुना में डूबे छह लोगों में से एक युवक को तलाश लिया। उसकी पहचान मानिक टंडन के रूप में हुई। उनके पिता विजय कुमार रोने लगे किसी प्रकार लोगों ने उन्हें संभाल लिया, लेकिन उनका हाल-बेहाल देखकर आसपास खडे़ ला़ेगों का कलेजा मुंह को आ गया। सभी ठाकुरजी से कह रहे थे कि धर्म की नगरी में लोगों को यह कैसा फल दिया। बचाव दल के सदस्यों ने लोगों की तलाश में दिन रात एक कर दिया। प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें खाना-पीना मौके पर ही मुहैया कराया। खाना खाने के बाद फिर से बोट लेकर गोताखोर यमुना में तलाश करने लगे।

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मथुरा में बोट हादसे के बाद मौके पर जमा भीड़ और बचाव अभियान चलाती पुलिस
– फोटो : पीटीआई
इसके अलावा पंजाब सरकार की ओर से जगरांव थाना पुलिस के साथ वहां के तहसीलदार भी सर्च ऑपरेशन में शामिल रहे। उत्तर प्रदेश सरकार और पंजाब सरकार के वरिष्ठ अधिकारी पल-पल का अपडेट स्थानीय अधिकारियों से लेते रहे। जिलाधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि बचाव कार्य में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती गई। घटना की जानकारी होते ही पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने स्वयं अपने निर्देशन में राहत कार्य को पहुंचाया। यमुना में डूबे लोगों को तुरंत ही बाहर निकाला गया। 22 लोगों को घटना के दिन ही बचा लिया गया। दुर्भाग्यवश 11 लोगों की मौत हो गई। शवों के पोस्टमार्टम रात में ही कराए गए। परिजनों की भी हर संभव मदद की गई। घायलों को भी उपचार कराया जा रहा है।

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मथुरा में बोट हादसे के बाद मौके पर जमा भीड़ और बचाव अभियान चलाती पुलिस
– फोटो : पीटीआई
मोटरबोट हादसे में पांच श्रद्धालु अभी भी लापता
वृंदावन में शुक्रवार दोपहर को हुए दर्दनाक मोटरबोट हादसे में लापता पांच श्रद्धालुओं को दूसरे दिन भी सुराग नही लगा है। हादसे के बाद श्रद्धालुओं के घरों में मातम पसरा है। मथुरा से लेकर पंजाब तक लापता श्रद्धालुओं के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। हादसे का शिकार हुए अधिकांश श्रद्धालु पंजाब के लुधियाना और जगरांव के रहने वाले थे। लापता श्रद्धालुओं में पंकज मल्होत्रा, ऋषभ शर्मा, यश भल्ला, मोनिका और डिंकी बंसल शामिल हैं। पंजाब और मथुरा के सोशल मीडिया ग्रुपों पर इन श्रद्धालुओं की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसमें लोग उनके सुरक्षित होने की दुआएं मांग रहे हैं। अपनों की तलाश में परिजन पंजाब से वृंदावन पहुंच चुके हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें भी लापता श्रद्धालुओं की तलाश में जुटी हुई हैं। यमुना के तेज बहाव और गहरे घाटों के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आ रही हैं। 24 घंटे से ज्यादा समय होने के बाद भी अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। एसपी ग्रामीण सुरेशचंद्र रावत का कहना कि सभी की तलाश की जा रही है।

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मथुरा में बोट हादसे के बाद मौके पर जमा भीड़ और बचाव अभियान चलाती पुलिस
– फोटो : पीटीआई
सात सेक्टर में बांटी गई यमुना, सुबह पांच बजे से फिर शुरू होगी तलाश
केसी घाट से लेकर गोकुल बैराज तक यमुना को सात सेक्टरों में बांटा गया है। 20 किलोमीटर के दायरे में यमुना में अब डूबे हुए लोगों की तलाश की जाएगी। डीआईजी आगरा रेंज के आदेश पर यमुना के सात सेक्टरों में सात थानेदार नजर रखेंगे। सुबह पांच बजे से यमुना में एक बार फिर से पांच लोगों की तलाश की जाएगी। सीओ मांट संदीप कुमार सिंह ने बताया कि अब केसी घाट से लेकर गोकुल बैराज तक यमुना को सात सेक्टरों में खोज अभियान शुरू होगा। स्थानीय गोताखोर, नाविक, पीएसी के गोताखोर, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी शामिल रहेंगी। आवश्यकता हुई तो सेना की भी मदद ली जाएगी। सुबह पांच बजे से अलग अलग घाटों पर अलग अलग टीमें तलाश करेंगी। एक घाट पर तीन से चार टीमों की लगाया जाएगा। देवरहा बाबा घाट और उसके आसपास के घाट पर विशेष नजर रहेगी। साथ ही आसपास के जनपदों को भी सूचित किया गया।
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