आगरा-दिल्ली हाईवे (एनएच-19) पर शनिवार को गोसेवक फरसे वाले बाबा के नाम से मशहूर गोभक्त चंद्रशेखर महाराज की मौत के बाद प्रदर्शनकारियों ने तकरीबन चार घंटे तक कब्जा जमाए रखा। दिल्ली से मथुरा की ओर आ रहे वाहन चालकों के साथ अभद्रता की। पथराव में कई वाहनों के शीशे भी टूटे। इसके बाद लंबा जाम लग गया। गाड़ियों में सवार लोग भूखे-प्यासे फंसे हुए जाम खुलने का इंतजार करते रहे। जाम में गाड़ियों में फंसे बच्चों का बुरा हाल हो गया। आसपास का बाजार बंद होने से भी कुछ खान-पान का सामान नहीं मिला।
उग्र प्रदर्शनकारियों ने हाईवे पर चल रहे वाहनों पर जमकर पथराव किया। इस पथराव में दर्जनों निजी वाहनों के शीशे और खिड़कियां टूट गईं। जाम में फंसे सैकड़ों यात्रियों के लिए यह किसी बुरे सपने जैसा था। दिल्ली से आगरा अपने परिवार के साथ छुट्टियां मनाने जा रहे अरविंद पटेल ने बताया कि वह कई घंटे जाम में फंसे रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ में से कुछ अराजक तत्वों ने उनके वाहन के टायर की हवा निकाल दी, जिससे उनका परिवार दहशत में आ गया।

2 of 12
बवाल से हाईवे पर लगा जाम।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दिल्ली के वसंत विहार निवासी अमजद अली परिवार के साथ ईद मनाने के लिए आगरा जाने को निकले थे, लेकिन छाता में हाईवे पर फंस गए। उनका कहना था कि उन्हें ताजमहल, आगरा किला आदि घूमना था, अपने रिश्तेदारों के यहां भी जाना था। यहां बच्चों को खाने पीने का सामान तक नहीं मिला। उनका प्लान था कि मथुरा में ढाबे पर खाना खाएंगे मगर यहां तीन घंटे तक फंसकर रह गए। फरीदाबाद (हरियाणा) से मथुरा-वृंदावन दर्शन के लिए निकले एक अन्य यात्री ने बताया, हम सुबह 6 बजे घर से निकले थे और 8 बजे से इस जाम में फंसे हुए हैं। 3 घंटों में कई किलोमीटर लंबा जाम लग चुका है और आगे बढ़ने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है। 2 घंटे का रास्ता 6 घंटे में भी तय नहीं हो सका। इसी तरह करीब दो दर्जन से ज्यादा श्रद्धालुओं की गाड़ियां भी जाम में फंसी थी, जोकि वृंदावन और मथुरा में दर्शन करने के लिए आ रहे थे।

3 of 12
जाम के चलते लोग हुए परेशान।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हत्या करने का लगाया आरोप
फरसे वाले बाबा के नाम से मशहूर गोभक्त चंद्रशेखर महाराज (57) की मौत के बाद समर्थकों ने आगरा-दिल्ली एनएच 19 पर शव रखकर जाम लगा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि गोतस्करों ने ट्रक से कुचलकर बाबा की हत्या कर दी। दर्जनभर से ज्यादा वाहनों और चौकी में तोड़फोड़ करने के साथ ही जमकर पथराव किया गया। इसमें 15 से अधिक पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठियां भांजकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। चार घंटे तक चले बवाल के बाद पुलिस ने हाईवे पर लगे जाम को खुलवाया। उधर पुलिस का कहना है कि यह हत्या नहीं है। एक दुर्घटना है और जिस ट्रक की चपेट में आकर बाबा की मौत हुई है, उसके चालक की भी मौत हो गई है।

4 of 12
बवाल में पुलिस के तोड़े वाहन।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मूल रूप से फिरोजाबाद के सिरसागंज निवासी चंद्रशेखर महाराज (57) बरसाना के गांव आजनौख में गोशाला का संचालन करते थे। उनके समर्थकों ने बताया कि बाबा को सूचना मिली थी कि गोवंश से भरा एक ट्रक कोसीकलां क्षेत्र में हाईवे से होकर गुजरेगा। इस पर शनिवार तड़के करीब चार बजे बाबा चंद्रशेखर अपने पांच समर्थकों के साथ दो बाइकों पर सवार होकर हाईवे पर कंट्री होटल के सामने ट्रकों को रोककर चेक कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि जब नागालैंड के नंबर के ट्रक के पीछे चढ़कर चेक कर रहे थे तभी पीछे से तेज गति से आए राजस्थान नंबर के एक ट्रक ने उन्हें रौंद दिया। हादसे में बाबा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ट्रक चालक अलवर निवासी खुर्शीद की भी मौत हो गई। वहीं उनके समर्थकों का आरोप था कि बाबा गो तस्करों की गाड़ी का पीछा कर रहे थे, तस्करों की गाड़ी ने उन्हें रौंद दिया।

5 of 12
मथुरा बवाल।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसे की सूचना पर पुलिस बाबा के शव को बठैनगेट पुलिस चौकी ले आई। उधर, सूचना आजनौख पहुंची तो बाबा के समर्थक चौकी पहुंच गए और शव को लेकर आजनौख पहुंचे। उसके बाद सुबह 7: 45 बजे शव को छाता में हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। चूंकि शनिवार को ईद भी थी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गोवर्धन परिक्रमा कर रही थीं तो ज्यादातर पुलिस बल उधर जुटा था। बाकी पुलिस तत्काल मौके की ओर रवाना हुई। कुछ ही देर में बाबा की मौत की खबर फैली तो गांव बिसावा, खायरा, भदावल, रनवारी, सांखी सहित आसपास के सैकड़ों ग्रामीण हाईवे पर जमा हो गए। उन्होंने वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों को समझाने के लिए एडीएम (प्रशासन) अमरेश कुमार, एसपीआरए सुरेशचंद्र रावत पहुंचे मगर बात नहीं बनी। कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी ने भी मौके पर पहुंचकर समझाया मगर लोग नहीं माने।
