आगरा के फतेहाबाद क्षेत्र में मानवता को झकझोर देने वाले वाकया सामने आया है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर 28.100 के पास रविवार की दोपहर नवजात का शव मिला। शव लाल कपड़े में लिपटा हुआ था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस के मुताबिक रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे हुमायूंपुर गूजर निवासी विनोद अपने खोखे पर जा रहे थे। तभी एक्सप्रेसवे के आगरा से लखनऊ जाने वाली लेन के किनारे गांव नगला लोहिया के पास लाल कपड़े में लिपटा बच्ची का शव दिखाई दिया। उन्होंने शोर मचाया। इस पर आसपास से गुजर रहे लोग जुट गए। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची।
स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि यहां गांव के लोगों का आवागमन रहता है और टोल कर्मचारी भी मौजूद रहते हैं। आशंका जताई जा रही है कि मासूम बालिका का शव रात में यहां फेंका गया होगा। वहीं बच्ची का शव मिलने पर आसपास के गांवों की महिलाएं भी जुट गईं। महिलाएं और ग्रामीण बच्ची की मां को कोसते हुए कहते सुने गए कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी रही होगी कि मासूम को इस तरह फेंक दिया गया। लोगों ने सवाल उठाए कि कहीं बच्ची को जिंदा तो नहीं फेंका गया और ठंड के कारण उसकी सांसें थम गईं। यदि जन्म के बाद उसकी मौत हो गई थी तो अंतिम संस्कार क्यों नहीं किया गया।
इस संबंध में एसीपी फतेहाबाद अनिल कुमार ने बताया कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर नवजात बच्ची का शव मिलने की सूचना मिली थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जांच की जा रही है।
