two big criminals were caught within six months of Kasganj who are enemies of society and country

शूटर अरुण मौर्य और आईएसआई एजेंट शैलेश कुमार
– फोटो : अमर उजाला

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उत्तर प्रदेश का कासगंज जिला माफिया का नया अड्डा बनता दिख रहा है। यहां छह महीने के अंदर दो बड़े अपराधी पकड़े गए हैं। यह दोनों पैसों और पहचान की चाहत में देश और समाज के दुश्मन बन गए। पहला मामला अप्रैल में सामने आया। जब प्रयागराज में अतीक और उसके भाई अशरफ की बीच सड़क कैमरों के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्यारों में कासगंज निवासी शूटर अरुण मौर्य भी शामिल था। अभी छह महीने भी नहीं बीते कि दूसरा देश का दुश्मन पकड़ा गया। यह पैसों की लालच में भारतीय सेना की खुफिया जानकारी दुश्मन देश पाकिस्तान की खुफिया एंजेसी आईएसएआई को दे रहा था।  

मंगलवार को एटीएस ने लखनऊ से कासगंज निवासी शैलेश कुमार उर्फ शैलेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार किया। इससे प्राथमिक पूछताछ और जांच में जो सामने आया वह यह कि फेसबुक पर इसकी दोस्ती दो लड़कियों हरलीन कौर और प्रीती से हुई। वह दोनों आईएसआई के लिए काम करती हैं। उन्होंने इसको बातों में उलझाया और पैसों का लालच दिया। कहा कि वह भी उनके साथ आईएसआई के साथ काम करे। पैसों के लिए वह देश के जवानों का खून बेचने को सहर्ष तैयार हो गया। 

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