राजधानी लखनऊ में खाद्य सुरक्षा जांच वैन के महीनों तक निष्क्रिय पड़े रहने की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद विभाग हरकत में आया। मोबाइल जांच वैन की कमियों को आनन-फानन दुरुस्त करवाने के बाद मंगलवार से उसका संचालन शुरू कर दिया गया।

सहायक आयुक्त (खाद्य) वीपी सिंह के निर्देशन में फूड सेफ्टी ऑन व्हील (जांच वैन) के माध्यम से इंदिरानगर स्थित लेखराज मार्केट और भूतनाथ मार्केट क्षेत्र में अभियान चलाया गया। टीम ने आसपास की दुकानों पर खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच की और लोगों को घरेलू विधियों से मिलावट पहचानने के तरीके बताए। 

आमजन को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया

अभियान के दौरान पनीर, खोवा, रिफाइंड सोयाबीन तेल, पापड़, वेज बिरयानी और मसालों समेत कुल 35 नमूनों की जांच की गई। जांच में सौंफ और बिरयानी में रंग की मिलावट पाए जाने पर नमूने मानक अनुरूप नहीं मिले। मौके पर दुकानदारों को चेतावनी दी गई। साथ ही आमजन को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। 

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त विजय प्रताप सिंह ने बताया कि जांच वैन में जो भी कमियां थी उसे दुरुस्त कराने के बाद संचालन शुरू किया गया है। होली तक जहां कहीं वैन की मांग होगी, वहां भेजी जाएगी। एक मार्च 2026 से रोस्टर जारी कर इसका संचालन किया जाएगा।

4.32 लाख लीटर खाद्य तेल सीज, दो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

होली व रमजान पर्व के मद्देनजर 19 फरवरी से प्रदेश भर में चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने अब तक 4,32,849 लीटर खाद्य तेल सीज किया है। 



सहायक आयुक्त खाद्य एवं सुरक्षा विजय प्रताप सिंह ने बताया कि 58 प्रवर्तन टीमों ने प्रदेशभर में 64 खाद्य तेल निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया। इनमें 08 इकाइयों को बंद कराया गया तथा 56 इकाइयों में प्रवर्तन कार्रवाई की गई। इस दौरान 206 नमूने संग्रहित किए गए और 4,16,494 लीटर खाद्य तेल सीज किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब छह करोड़ 43 लाख रुपये है। 37 इकाइयों को सुधार सूचना नोटिस जारी किए गए।



इसके अतिरिक्त अन्य दिनों में विभिन्न जिलों से 25 नमूने लिए गए तथा 16,355 लीटर खाद्य तेल जब्त किया गया। जिसकी अनुमानित कीमत करीब 21 लाख 57 हजार रुपये है। हानिकारक अपमिश्रण पाए जाने पर दो कारोबारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है।

जांच वैन चली, लेकिन सवाल अभी भी खड़े


  • कागजी व तकनीकी कमी के कारण कई माह से अलीगंज स्थित एफएसडीए मुख्यालय पर खड़ी जांच वैन मंगलवार को सड़क पर दौड़ी और जांच भी की। हालांकि, इस संबंध में कई सवाल ऐसे हैं जिसका उत्तर अफसर देने से बच रहे हैं।

  • वाहन में क्या-क्या खराबी थी, जिसकी वजह से वह महीनों तक खड़ी रही और खबर छपने के बाद मंगलवार दोपहर तक उसे दूर भी कर लिया गया?

  • यदि वाहन में कोई तकनीकी कमी थी तो उसे दुरुस्त करने में विभाग को कितना खर्च करना पड़ा जो अब तक नहीं खर्च हो पा रहा था?

  • वाहन के बीमा, फिटनेस और प्रदूषण आदि की कमी थी तो उसे पूरी तरह दुरुस्त किया गया या नहीं?

इन सवालों पर सहायक खाद्य सुरक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि जो कमी थी वह दूर हो गई है। अन्य सवालों का जवाब देने से वह बचते रहे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *