मुरादाबाद के कांठ तहसील क्षेत्र में तेंदुओं का जबरदस्त आतंक होने से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। दो दिन से लगातार तेंदुओं द्वारा हमले किए जाने से क्षेत्र में दहशत और बढ़ गई है। गांव महदूद कलमी, हसनगढ़ी, कुम्हरिया जुबला, जहांगीरपुर चकफेरी, गदापुर, मिश्रीपुर, मंझरा, बेगमपुर, खूंटखेड़ा, हीरापुर, ध्यानपुरा, भागीजोत सहित खादर क्षेत्र के तमाम गांवों में तेंदुए की दहशत व्याप्त हो गई है।

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कांठ में लगाया गया पिंजरा
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जबकि पहले से ही क्षेत्र के गांव सलेमपुर, फजलाबाद, दरियापुर, राजीपुर खद्दर, मल्लीवाला, अकबरपुर चैदरी, गढ़ी, सिकंरादबाद, गोपालपुर, बहादरपुर खद्दर, फत्तेहपुर विश्नोई, मुख्त्यारपुर नवादा, नसीरपुर, हरिनूरपुर, डेहरा, मल्हपुर खैईया, नजराना, मुंडाला, फलैदा, वैरमपुर, चंगेरी समेत 40 गांवों के ग्रामीण भयभीत हैं। किसान खेतों पर जरूरी काम करने के लिए जाने से भी कतराते हैं, तो वहीं बच्चों को भी अकेले घरों से बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है।

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अस्पताल में भर्ती बच्ची
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उधर, हर रोज कहीं न कहीं तेंदुए दिखाई देने के साथ उनके शावक भी लगातार मिल रहे हैं। अब तो तेंदुओं के द्वारा हमला कर लोगों को घायल भी किया जा रहा है। इसके बाद भी वन विभाग कुछ नहीं कर पा रहा है। पिछले दो महीने से तेंदुओं का आतंक कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है।

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ग्रामीणों से बात करती वन विभाग की टीम
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30 जनवरी को कांठ के फजलाबाद में तेंदुए ने गोवंशीय पशु को निवाला बना लिया था। तीन फरवरी को छजलैट के वैरमपुर निवासी राहुल के खेत में तेंदुआ दिखा था। पांच फरवरी को मुंडाला के नीटू के कुत्ते को तेंदुआ उठा ले गया था। 18 फरवरी को नसीरपुर में मृत तेंदुआ मिला था। 19 फरवरी को लाडलाबाद के जंगल में तेंदुए ने वनरोज पर हमला कर दिया था।

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कांठ में तेंदुए की दहशत
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20 फरवरी को अहमदपुर निंगू नंगला में कार सवारों को दो तेंदुए दिखे थे। 24 फरवरी को दरियापुर से गश्त कर लौट रही पुलिस टीम के सामने तेंदुआ आ गया था। 25 फरवरी को समंदपुर के पूर्व प्रधान योगेश सिंह के खेत में तेंदुआ देखा गया था। 12 मार्च को मुख्त्यारपुर नवादा में नहर के किनारे कार सवारों ने तेंदुआ देखा था। 14 मार्च को लदावली और सुंदरपुर चाऊपुरा में दो तेंदुए दिखाई दिए थे।
