चौबीस घंटे के भीतर ही तेंदुए ने कांठ क्षेत्र के ही गांव मिश्रीपुर में घर के अंदर घुसकर चारपाई पर लेटी चौथी क्लास में पढ़ रही आठ साल की छात्रा को हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। तेंदुआ उसे खींचकर ले जा रहा था कि भाई के शोर मचाने पर परिजन लाठी-डंडे लेकर दौड़े तो तेंदुआ उसे छोड़कर खेतों में भाग गया।
हमले में गंभीर घायल हुई छात्रा को इलाज के लिए सीएचसी लाया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है। कांठ क्षेत्र के गांव मिश्रीपुर निवासी अवनेश कुमार का घर गांव के अंतिम छोर पर खेतों से सटा हुआ है। उसके घर की बाउंड्री और गेट भी नहीं है।
मंगलवार की देर शाम करीब आठ बजे उसकी कक्षा चार में पढ़ने वाली आठ साल की सबसे छोटी बेटी दीपांशी घर के आंगन में ही चारपाई पर लेटी हुई थी, पास में ही उसका बड़ा भाई विशाल भी बैठा था। तभी अचानक खेतों की तरफ से आए तेंदुए ने दीपांशी पर हमला कर दिया और वह उसे जबड़े में दबाकर खींचते हुए ले जाने लगा।
वह उसे चार-पांच मीटर तक ही ले जा पाया था कि विशाल के शोर मचाने पर मां बबीता देवी, पिता अवनेश शोर मचाते हुए लाठी-डंडे लेकर दौड़े तो तेंदुआ उसे छोड़कर बराबर के गन्ने के खेत में भाग गया। इधर तेंदुए के हमले से दीपांशी गंभीर रूप से घायल हो गई।
शोर सुनकर तमाम ग्रामीण भी एकत्र हो गए। उन्होंने लाठी-डंडे लेकर तेंदुए की काफी तलाश की, मगर वह दूर तक फैले गन्ने के खेतों में ओझल हो गया। सूचना मिलने पर पीआरवी पुलिस भी आ गई। आनन-फानन में परिजन और ग्रामीण गंभीर घायल छात्रा को इलाज के लिए कांठ सीएचसी लेकर आए।
जहां से प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। बता दें कि 30 मार्च की देर शाम भी तेंदुए ने क्षेत्र के गांव महदूद कलमी निवासी अकरम के घर में घुसकर उसकी दो साल की मासूम बेटी सिदरा पर हमला कर उसे गंभीर घायल कर दिया था।
अभी यह बच्ची मुरादाबाद अस्पताल में ही भर्ती है और ग्रामीण दहशत से बाहर नहीं आ पाए थे कि वहीं मंगलवार की देर शाम तेंदुए ने गांव मिश्रीपुर में भी चौथी की छात्रा पर हमला कर उसे गंभीर घायल कर दिया है।
