
समारोह को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
– फोटो : amar ujala
विस्तार
लगभग 44 डिग्री की तपिश और तेज लू का असर भी उस समय गौण हो गया जब प्रदेश भर के मेधावियों को सीएम योगी आदित्यनाथ के हाथों सम्मान मिला। सारी थकान मानों काफूर हो गई। मेधावियों की आंखों में जैसे सारा जहान उतर आया और भविष्य के नए ख्वाबों को जैसे पंख मिल गए। न केवल छात्र छात्राएं बल्कि उनके साथ आए उनके अभिभावक भी इस पल को संजोकर रख लेना चाहते थे। खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। मौका था अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्मान समारोह का जिसमे सीएम मेधावी छात्र छात्राओं से रूबरू हुए। अपने हाथों से उनका सम्मान किया और पीठ थपथपाई।
बुधवार को जैसे जैसे सूरज अपने तेज को बढ़ाता जा रहा था वैसे वैसे उससे ज्यादा उत्साह से गर्मी को मात देते हुए प्रदेश भर से आए मेधावी छात्र छात्राओं के कदम इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान की ओर मजबूती से बढ़ रहे थे। इस प्रतिष्ठान का माहौल कुछ बदला हुआ था। जहां भारी गर्मी के कारण सड़कों पर भीड़ अपेक्षाकृत कम नजर आ रही थी तो इस प्रतिष्ठान में प्रदेश भर से आए छात्र छात्राओं का हुजूम नजर आ रहा था। अमर उजाला ने यहां प्रदेश के कक्षा 10 और 12 के सभी बोर्डों के मेधावी छात्र छात्राओं को सम्मानित करने का कार्यक्रम रखा था। मुख्यमंत्री को साढ़े तीन बजे आना था पर उससे पहले ही उनके मत्रिमंडल के कई मंत्री कार्यक्रम में पहुंच चुके थे। खचाखच भरे हॉल में छात्र छात्राओं के बीच जाकर उनसे बात कर चुके थे और उनमें एक नया जोश भर चुके थे। मंच की बजाय उनके बीच में बैठकर उन्हें यह अहसास करा चुके थे कि आज का दिन उनके लिए खास है। अविस्मरणीय है और अमर उजाला की इस मुहिम ने उन्हें विशिष्ट श्रेणी में खड़ा कर दिया है। उनकी प्रतिभा को उचित सम्मान देने का काम किया गया है। उधर छात्र छात्राएं भी उनसे इस तरह से मुखातिब हो रहे थे जैसे उनकी यह मुलाकात पहली न हो। वह उनसे सवाल कर रहे थे और मंत्री मुस्कान के साथ उनका जवाब दे रहे थे। छात्र उनके साथ सेल्फी ले रहे थे। शायद यह उनके जीवन का पहला मौका था कि इस तरह से वे इन मंत्रियों के साथ घुल मिल गए थे।
घड़ी की सुई के हिसाब से ठीक 3 बजकर 30 मिनट पर जैसे ही सीएम योगी का सभागार में प्रवेश हुआ तो पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। छात्रों ने परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए तो कड़ी मेहनत की ही थी पर आज सीएम योगी से मिलने का उनका सपना भी साकार हो रहा था। बाकी सीएम के उद्बोधन ने तो जैसे उनमें नई उर्जा का संचार ही कर दिया। जब सीएम ने बच्चों को पुरस्कार दिए तो बच्चों की आंखों की चमक उनके मन की खुशी बयां कर रही थी। साथ ही भविष्य के सपनों को भी इंगित कर रही थीं। कई बार तो बच्चों से भी ज्यादा उत्साहित उनके अभिभावक नजर आए। अपने बच्चों को लेकर वे सुबह ही राजधानी पहुंच चुके थे और आज अपने सामने अपने बच्चों को सीएम से सम्मानित होते देख रहे थे। अधिकतर तो एक दिन पहले ही यहां आ गए थे।
अमृत वर्ष हो तो ऐसा
अमर उजाला ने अपने 75 साल पूरे किए और यह अमृत वर्ष है इसका जिक्र बार बार न केवल मंचासीन अतिथियों के जेहन में आ रहा था बल्कि इसका अहसास छात्रों और उनके साथ आए अभिभावकों को भी हो रहा था। सीएम ने तो मंच से इसका जिक्र भी किया। उधर अभिभावकों ने भी कहा कि वास्तव में इन छात्रों पर तो सच्ची अमृत वर्षा हो रही है। उनके लिए ये पल हमेशा यादगार रहेंगे और न केवल उनका मार्गदर्शन करेंगे बल्कि हमेशा उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देंगे।
शिक्षक रूप में नजर आईं गुलाब देवी
माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी शिक्षिका रही हैं। आज बच्चों को पुरस्कृत करते समय उनका वही रूप नजर आया। उन्होंने इसी तरह से बच्चों को समझाया। उनके कैरियर को लेकर टिप्स् दिए। पुरस्कृत करते समय वही भाव उनके चेहरे पर दिखा जो एक शिक्षिका के चेहरे पर आता है। सीएम और इन मंत्रियों से सम्मान पाकर बच्चे भी निहाल नजर आए।
