Muzaffarnagar  मोरना क्षेत्र में ककरौली के अंतर्गत जौलीजटवाड़ा गंगनहर पटरी मार्ग इन दिनों गंभीर खतरे का कारण बनता जा रहा है। सड़क पर फैली रेतीली मिट्टी, धूल और फिसलन के चलते यहां आए दिन हादसों की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति बीते दो महीनों से जस की तस बनी हुई है, लेकिन अब तक समस्या के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।


नहर सफाई के बाद सड़क पर छोड़ी गई मिट्टी बनी मुसीबत

ग्रामीणों के अनुसार, लगभग दो महीने पहले सिंचाई विभाग द्वारा गंगनहर की सफाई और चौड़ीकरण का कार्य कराया गया था। इस दौरान नहर से निकाली गई रेतीली मिट्टी और रेत को सड़क किनारे ही छोड़ दिया गया। समय बीतने के साथ यह मिट्टी हवा और वाहनों के दबाव से सड़क पर फैल गई, जिससे पूरा मार्ग धूल और फिसलन से भर गया है।

अब स्थिति यह है कि सड़क से गुजरने वाले वाहनों के चलते धूल का घना गुबार उड़ता है, जिससे सामने का दृश्य लगभग दिखाई देना बंद हो जाता है। कई बार तो वाहन चालकों को कुछ मीटर आगे तक भी सड़क नजर नहीं आती।


दोपहिया वाहन चालकों के लिए सबसे ज्यादा जोखिम

Morna Ganga canal road dust accident की आशंका सबसे अधिक दोपहिया वाहन चालकों के लिए बनी हुई है। रेतीली मिट्टी के कारण टायरों की पकड़ कमजोर हो जाती है, जिससे बाइक और स्कूटी सवार संतुलन खो बैठते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक कई बाइक सवार फिसलकर गिर चुके हैं और उन्हें चोटें भी आई हैं।

हालांकि अभी तक किसी बड़े या जानलेवा हादसे की सूचना नहीं है, लेकिन हालात को देखते हुए किसी गंभीर दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता। चार पहिया वाहन चालकों को भी धूल के कारण आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।


रात के समय और भी खतरनाक हो जाता है मार्ग

स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन के समय तो किसी तरह वाहन चालक सतर्क होकर निकल जाते हैं, लेकिन रात के अंधेरे में यह मार्ग और भी खतरनाक हो जाता है। सीमित रोशनी में सड़क पर फैली रेत दिखाई नहीं देती और अचानक ब्रेक लगाते ही वाहन फिसलने का खतरा बढ़ जाता है।

कम्हेड़ा गांव निवासी संजय कुमार ने बताया कि रात में इस सड़क से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नहर सफाई के बाद विभाग ने सड़क की सुध लेना जरूरी नहीं समझा।


ग्रामीणों ने उठाए लापरवाही पर सवाल

खेड़ी फिरोजाबाद निवासी राजकुमार ने कहा कि नहर की सफाई आवश्यक थी, लेकिन सफाई के बाद सड़क पर मिट्टी छोड़ देना विभागीय लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भविष्य में कोई बड़ा हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभागों को समय रहते इस ओर ध्यान देना चाहिए, ताकि किसी अनहोनी से पहले समस्या का समाधान किया जा सके।


प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग

लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क पर फैली रेतीली मिट्टी को तुरंत हटाया जाए। साथ ही धूल से राहत दिलाने और फिसलन कम करने के लिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाए।

लोगों का कहना है कि यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है और रोजाना सैकड़ों लोग इससे होकर गुजरते हैं। ऐसे में यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो कोई बड़ा हादसा कभी भी हो सकता है।


जौली–जटवाड़ा गंगनहर पटरी मार्ग पर फैली धूल और रेतीली मिट्टी ने ग्रामीणों की रोजमर्रा की आवाजाही को खतरे में डाल दिया है। लगातार चेतावनियों के बावजूद समस्या का समाधान न होना चिंता का विषय है। समय रहते यदि सड़क की सफाई और धूल नियंत्रण के उपाय नहीं किए गए, तो यह मार्ग किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।



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