आंधी और बारिश का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा। मैलानी में गोला से आने वाली 33 केवी मेन लाइन में फाल्ट आने से सप्लाई बाधित हो गई। बिजलीकर्मी पेट्रोलिंग में जुटे रहे, लेकिन शाम सात बजे तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। शहर में भी शाम पांच बजे बारिश के दौरान बिजली गुल हो गई, जो देर रात तक सुचारु नहीं हो पाई।
मौसम के इस बदलाव ने किसानों की सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाई है। तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, मसूर और केले की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी फसल गिर गई, जबकि कई जगह कटी फसल भी भीगकर खराब हो गई। आम के बौर झड़ने से उत्पादन पर भी संकट गहरा गया है।
15 से 20 मिनट तक हुई ओलावृष्टि
बिजुआ, राजगढ़ और गदियाना क्षेत्रों में 15 से 20 मिनट तक चली ओलावृष्टि से खेत और सड़कें सफेद चादर में ढक गईं। बेल वाली सब्जियों और खीरा-ककड़ी की अगेती फसल को भी नुकसान पहुंचा है। बिझौली में किसानों ने बताया कि कटी गेहूं की फसल भीगने से नुकसान हुआ है। अमीरनगर में गेहूं की कटाई पूरी तरह ठप हो गई है, जबकि ममरी क्षेत्र में लगातार आंधी के चलते बिजली आपूर्ति बाधित रहने से कटाई-मड़ाई प्रभावित हो रही है।
जेई धर्मेंद्र सिंह के अनुसार बार-बार फाल्ट आने से सप्लाई रोकनी पड़ रही है। बांकेगंज क्षेत्र में किसानों ने बताया कि पिछले साल धान की फसल खराब हुई थी और इस बार गेहूं को नुकसान हो रहा है, जिससे उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। वहीं निघासन क्षेत्र में तेज हवा और ओलों से केले की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, कई जगह पौधे टूटकर गिर गए।




