जहरीली गैसों ने वायुमंडल में बड़ा घेरा बना लिया है। इसका खुलासा एएमयू द्वारा सोलह महीने के भीतर छोड़े गए 32 मौसम गुब्बारों से हुआ है। इन गुब्बारों ने अलीगढ़ और 100 किलोमीटर की परिधि में बसे शहरों के ऊपर की हवा की गुणवत्ता की पूरी रिपोर्ट दी है। इस वैज्ञानिक अध्ययन के बाद एएमयू प्रशासन ने इसरो से भी यह रिपोर्ट साझा की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस क्षेत्र में उत्सर्जित हो रहीं जहरीली गैसें वायुमंडल से बाहर नहीं निकल पा रही हैं। इससे लोकल वार्मिंग का खतरा बढ़ रहा है।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के सहयोग से अलीगढ़ और उसके आसपास 100 किमी की परिधि में बसे शहरों के वायुमंडल की स्थिति जानने के लिए शोध शुरू किया था। इसके अंतर्गत हर महीने दो मौसम गुब्बारे इसरो के वैज्ञानिकों की निगरानी में छोड़े जाते थे।

क्या है मौसम गुब्बारा

मौसम गुब्बारा एक विशेष प्रकार का उपकरण होता है जिसका उपयोग वायुमंडल के ऊपरी परतों में मौसम संबंधी डेटा (तापमान, आर्द्रता, दबाव, हवा की गति और दिशा) को इकट्ठा करने के लिए किया जाता है। इसमें उपकरण बॉक्स होता है जिसे गुब्बारे के नीचे एक मजबूत तार से लटकाया जाता है। इसे रेडियोसॉन्ड कहा जाता है। इसमें मुख्य रूप से सेंसर और उपकरण होते हैं। इसमें तापमान सेंसर, आर्द्रता सेंसर, दबाव सेंसर, जीपीएस रिसीवर आदि होते हैं।



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