यमुना एक्सप्रेसवे पर शनिवार को 6 यात्रियों की मौत के बाद भी हादसे से सबक नहीं सीखा। शनिवार दोपहर में एक्सप्रेसवे पर वाहनों के चालक लापरवाह दिखे तो नियमों का पालन कराने वाले जिम्मेदार बेखबर रहे। कुबेरपुर कट से खंदौली टाेल तक की पड़ताल में वाहन चालक रास्ते में वाहन रोककर खाना बनाते दिखे तो कई वाहन चालक सड़क पर ही बेवजह रुककर आराम करते नजर आए। पुलिस की गश्त दिखी ही नहीं, वहीं एक्सप्रेसवे अथॉरिटी की ओर से जिम्मेदार भी कार्रवाई करते नजर नहीं आए।
यमुना एक्सप्रेसवे पर वर्ष 2024 और 2025 में 50 से अधिक लोगों की सड़क हादसों में मौत हो चुकी हैं। अधिकांश मामलों में ओवरस्पीडिंग, ट्रक चालकों की लापरवाही सामने आई है। शनिवार को हुए हादसे के बाद भी कुछ नहीं बदला। एक्सप्रेसवे पर चौंकाने वाले दृश्य सामने आए। खंदौली टोल के पास ग्रीन जोन में चालक अपने वाहन खड़े कर खाना बनाते और आराम करते मिले। महाराष्ट्र नंबर की गाड़ी पर मानक से अधिक सामान लदा था और सवारियां निश्चिंत होकर कार की सड़क पर ही पार्किंग कर खाना तैयार करते नजर आए। टोल से पहले कई ट्रक चालकों ने वाहन खड़े कर सड़क का काफी हिस्सा आवागमन के लिए बंद कर दिया। एक्सप्रेसवे के कुबेरपुर कट पर एक साथ तीन कॉमर्शियल वाहन यात्रियों के इंतजार में एक साथ खड़े दिखे।
टूटी फेंसिंग से घुस आते हैं आवारा पशु
एक्सप्रेस वे से रोजाना हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं। लाखों रुपये का टोल टैक्स मिलता है, लेकिन व्यवस्थाएं खराब हैं। फेंसिंग टूटी हुई है। इससे आवारा पशु एक्सप्रेसवे पर आ जाते हैं। तेज रफ्तार वाहनों के पशुओं से टकरा कर हादसे की आशंका रहती है। रात के अंधेरे में यह बेहद जानलेवा साबित हो सकता है।
गश्त के नाम पर सिर्फ औपचारिकता
पड़ताल के दौरान एक्सप्रेसवे पर पुलिस की गश्त नहीं नजर आई। जो वाहन चालक सड़क पर खाना बनाने के साथ आराम कर रहे थे, उनके चालान नहीं किए गए। कानपुर के रवि गुप्ता ने बताया कि वाहन चालकों पर सख्ती नहीं बरतने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। कोई भी चालक कहीं पर भी वाहन रोक देता है, जिससे हादसों में लोगों की जान जा रही है।
