झांसी। बुलंदियों पर पहुंचना कोई कमाल नहीं, बुलंदियों पर ठहरना कमाल है प्यारे। यह शेर सुनाते हुए बीयू के राष्ट्रीय पुस्तक मेले में विख्यात गीतकार समीर अन्जान ने युवाओं को कड़ी मेहनत और संघर्ष के लिए प्रेरित किया।
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झांसी। बुलंदियों पर पहुंचना कोई कमाल नहीं, बुलंदियों पर ठहरना कमाल है प्यारे। यह शेर सुनाते हुए बीयू के राष्ट्रीय पुस्तक मेले में विख्यात गीतकार समीर अन्जान ने युवाओं को कड़ी मेहनत और संघर्ष के लिए प्रेरित किया।
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