सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने शिक्षा के स्तर को गिरा दिया है। भाजपा सरकार ने पहले विलय के नाम पर यूपी में 27000 सरकारी स्कूलों को बंद करने की साजिश की, अब राज्यसभा में स्वीकारा कि पिछले 5 वर्षों के भाजपा शासन में 18727 सरकारी स्कूल बंद हुए हैं।
उन्होंने बुधवार को जारी बयान में कहा कि भाजपा सरकार किताब नहीं बंटवा रही है सरकारी स्कूलों को बंद करवा रही है। भाजपा के लोग जानते हैं कि शिक्षा से लोगों में जागरूकता और वैज्ञानिक चेतना आई तो वे भाजपा की संकीर्ण सोच को उखाड़ फेंकेंगे। इसलिए वे ज्ञान-विज्ञान के खिलाफ हैं। कहा, अगर सरकारी स्कूल बंद हुए तो निजी स्कूलों की लूट शुरू हो जाएगी। खाते में जितना आएगा नहीं उससे ज्यादा बच्चों की पढ़ाई में ही चला जाएगा। जनता सब समझती है। अगले चुनाव में भाजपा की हार का एक कारण शिक्षकों, शिक्षामित्रों, विद्यालयों के कर्मचारियों व शिक्षा से वंचित होते बच्चों के माता-पिता और उनके परिवार के अन्य लोगों का गुस्सा भी होगा।
जिसमें नैतिकता, उसमें नीति
अखिलेश यादव ने कहा कि शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती का यह कथन एकदम सही है कि नेता वही जिसमें नीति हो और नीति उसी में होती है जिसमें नैतिकता होती है। शंकराचार्य की ये बातें हर दंभी-घमंडी को सुननी चाहिए, पर अभिमानी सुनते नहीं हैं इसलिए उनका पतन तय है।
बद्रीका आश्रम पहुंचे अखिलेश
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव निजी दौरे पर मंगलवार सुबह सिरमौर के राजगढ़ तहसील की ग्राम पंचायत करगाणु के शलामु स्थित बद्रीका आश्रम पहुंचे। उन्होंने आश्रम के संस्थापक ओम स्वामी से भेंट की। उनकी पत्नी डिंपल यादव और बेटी एक सप्ताह से आश्रम में ही हैं। इस दौरान उन्होंने मीडिया से दूरी बनाए रखी।
