आठवें वेतन आयोग की चर्चाओं के बीच साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। सैलरी रिवीजन की अटकलों का फायदा उठाकर जालसाज सरकारी कर्मचारियों के मोबाइल पर फर्जी मेसेज भेज रहे हैं। डाउनलोड लिंक के जरिये ठगी को अंजाम दे रहे हैं। अमर उजाला अभियान के तहत लोगों को साइबर ठगी के प्रति जागरूक कर रहा है।

साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार सिंह के अनुसार, गृह मंत्रालय की साइबर जागरूकता इकाई साइबर दोस्त ने आठवें वेतन आयोग से जुड़े फर्जी स्कैम से संबंधित एडवाइजरी जारी की है। ठग आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत नई सैलरी का अनुमान बताने का दावा करते हैं। एक तरफ कर्मचारी व पेंशनर्स वेतन संशोधन की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं तो दूसरी ओर अपराधी फायदा उठा रहे हैं।

जालसाज व्हाट्स एप मेसेज भेजकर कहते हैं कि आप आठवें वेतन आयोग के तहत नई सैलरी चेक कर सकते हैं। मेसेज में एक एपीके फाइल छिपी होती है। उसका नाम आठवां सीपीसी सैलरी कैलकुलेटर व सैलरी रिवीजन टूल जैसा होता है। फाइल का फॉर्मेट देख लोग भ्रमित हो जाते हैं। इसे डाउनलोड करते ही फोन का रिमोट एक्सेस दे देता है। इसके बाद ठग मोबाइल से निजी व संवेदनशील डेटा चोरी कर लेते हैं। कई राज्यों में ऐसे मामलों में लोगों के खातों से रकम गायब होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

जैसे ही इसे डाउनलोड कर इंस्टॉल करता है। एप फोन का रिमोट एक्सेस दे देता है। इसके बाद ठग मोबाइल से निजी व संवेदनशील डेटा चोरी कर लेते हैं। कई राज्यों में ऐसे मामलों में लोगों के खातों से रकम गायब होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।



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