प्रदेश में उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ा रहे 1.35 लाख शिक्षकों व उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा के लिए शासनादेश जारी कर दिया गया। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए बताया गया है कि इसके अंतर्गत पांच लाख तक की चिकित्सा सुविधा मिलेगी। जल्द ही इसकी औपचारिकता पूरी की जाएगी।

उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव गिरिजेश त्यागी की ओर से जारी शासनादेश में कहा गया है कि योजना के तहत अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के नियमित व स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षकों, स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों और राज्य विश्वविद्यालयों के नियमित व स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा।

सभी राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार व निदेशक उच्च शिक्षा को भेजे निर्देश में उन्होंने कहा है कि अभी इन शिक्षकों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति की कोई सुविधा नहीं मिल रही है। इसकी वजह से उनके द्वारा चिकित्सा की समुचित व्यवस्था कर पाना संभव नहीं होता है। योजना के तहत अब शिक्षक सरकारी के साथ निजी चिकित्सालयों में भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा ले सकेंगे। उन्होंने कहा है कि इस योजना का क्रियान्वयन साचीस के माध्यम से किया जाएगा। योजना के लाभार्थियों व उनके आश्रितों का पूरा विवरण विभाग द्वारा हर साल 30 जून तक साचीस को भेजा जाएगा।



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