प्रदेश मंत्रिमंडल में विस्तार और भाजपा प्रदेश संगठन में बदलाव की चर्चाओं के बीच शनिवार को राजधानी में सरकार, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा संगठन के बीच एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में हुई इस बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष की समीक्षा और आगे के कार्यक्रमों के साथ ही भाजपा संगठन विस्तार और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में यह भी तय किया गया है कि संघ, सरकार और भाजपा के आगामी कार्यक्रमों में आपसी समन्वय को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही तीनों विंग के लोग घर-घर पहुंचकर सभी वर्गों से संवाद करेंगे। बैठक में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में संघ के समन्वय से रणनीति तैयार करने पर भी मंथन किया गया।
राजधानी के निराला नगर स्थित संघ के कार्यालय सरस्वती कुंज में आयोजित यह बैठक संघ, सरकार की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने, समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने और आगामी चुनावों के लिए रणनीति तय करने के उद्देश्य से बुलाई गई थी। बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी व महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह, संघ के क्षेत्रीय प्रचारक अनिल के अलावा विभिन्न अनुसांगिक संगठनों के प्रांतीय और क्षेत्रीय पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक में शताब्दी वर्ष मना रहे संघ की तरफ से आगामी कार्यक्रमों में की रूपरेखा रखी गई और इसमें सरकार और संगठन की सहभागिता तय की गई है। साथ ही संघ ने प्रदेश में अपनी सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक गतिविधियों को और मजबूती देने की योजना बनाई। बैठक में तय किया गया कि भाजपा और संघ आपसी समन्वय और तालमेल के साथ विभिन्न अभियानों के जरिए घर-घर तक पहुंच बनाएं। बैठक में संघ के शाखाओं के विस्तार पर भी बात हुई। विभिन्न अनुसांगिक संगठनों ने भी अपने आने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी।
संगठन विस्तार में संतुलन
विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से यह साल काफी अहम है। भाजपा और अनुसांगिक संगठनों के जरिए अभी से लोगों के बीच संपर्क और सरकार की नीतियों को घर-घर पहुंचाने की रणनीति पर सहमति बनी। जल्द ही प्रदेश संगठन का विस्तार होना है। सभी समुदायों को तवज्जो देने के साथ ही क्षेत्रीय संतुलन बनाते हुए संगठन को विस्तार देने की बात बैठक में हुई।
