पासपोर्ट से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अब आवेदकों को लंबा इंतजार या पूर्व समय लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने विशेष व्यवस्था लागू करते हुए सीधे सुनवाई का रास्ता खोल दिया है। इसके लिए क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ ने नागरिक सुविधा को प्राथमिकता देते हुए विशेष शिकायत निवारण व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत आवेदक बिना पूर्व अपॉइंटमेंट सीधे संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या रख सकेंगे। यह सुविधा निर्धारित तिथियों पर आयोजित जन शिकायत निवारण मेलों और विशेष सुनवाई दिवसों में उपलब्ध रहेगी। यह जानकारी क्षेत्रीय पासर्पोट अधिकारी सुभाष सिंह ने कार्यालय सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में दी।

उन्होंने बताया कि इसमें पासपोर्ट, सत्यापन, दस्तावेज कमी और आपत्ति से जुड़े मामलों को प्राथमिकता से देखा जाएगा। निर्धारित तिथि पर आयोजित मेले में आवेदक अपने प्रकरण सीधे प्रस्तुत कर सकेंगे। अधिकतम मामलों का समाधान उसी दिन या तय समयसीमा में कर दिया जाएगा।

क्या-क्या मिलेगी राहत: बिना अपॉइंटमेंट प्रवेश, आवेदन स्थिति की तुरंत जांच, दस्तावेज कमी पर तत्काल सलाह, आपत्ति वाले मामलों में स्पष्टीकरण का अवसर, लंबित फाइलों पर ऑन-द-स्पॉट मार्गदर्शन।

आवेदक यह लाएं साथ

आवेदन संख्या और रसीद, पहचान व पते के प्रमाण पत्र, अपलोड किए गए दस्तावेजों की कॉपी, आपत्ति/कमी से जुड़े कागजात, मोबाइल नंबर व ईमेल विवरण

आठ लाख पासपोर्ट बनाए गए एक वर्ष में

क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ ने बीते वर्ष सेवा निष्पादन में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए वर्ष 2025 में 8,09,839 पासपोर्ट बनाया। अंतरराष्ट्रीय उपयोग वाले दस्तावेजों के प्रमाणीकरण के लिए 313 अपोस्टिल भी स्वीकृत हुए। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी सुभाष सिंह ने बताया कि बढ़ती मांग को देखते हुए प्रक्रिया प्रबंधन और काउंटर व्यवस्था को मजबूत किया गया। जिससे निस्तारण की गति बनी रही।

विदेश यात्रा, जॉब वेरिफिकेशन मामलों में आई तेजी

सपोर्ट से जुड़े सत्यापन कार्यों में लखनऊ कार्यालय ने वर्ष 2025 में 62,687 पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जारी किए। जो विदेश यात्रा, रोजगार और वीजा प्रक्रियाओं के लिए जरूरी होते हैं। साथ ही ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम के तहत 41 आवेदनों का त्वरित सत्यापन पूरा किया गया। अधिकारियों के अनुसार समयबद्ध जांच और डिजिटल ट्रैकिंग से लंबित मामलों में कमी आई है।

नागरिकता परिवर्तन फोकस

अन्य देशों की नागरिकता ग्रहण करने वाले भारतीय मूल के लोगों से जुड़े मामलों में वर्ष 2025 में 62 सरेंडर सर्टिफिकेट जारी किए गए। यह प्रमाणपत्र उन आवेदकों को दिया जाता है जो भारतीय पासपोर्ट वापस जमा कर नागरिकता परिवर्तन की औपचारिकता पूरी करते हैं।




 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *