नववर्ष आने वाला है और इसे लेकर लोग उत्साहित भी हैं। हर कोई वर्ष 2026 को लेकर योजनाएं बना रहा है और इसे बेहतर बनाना चाहता है। ज्योतिष के अनुसार, सभी राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ने वाला है। देश-प्रदेश में होने वाली गतिविधियों के साथ ही व्यक्तिगत जीवन को सफल बनाने के लिए भी ज्योतिषाचार्य उपाय बता रहे हैं।

ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल के अनुसार, वर्ष 2026 में गुरु बृहस्पति दो जून तक मिथुन राशि में रहेंगे, फिर 2 जून से 31 अक्तूबर तक कर्क राशि में रहेंगे। कुंभ से निकलकर पांच दिसंबर को राहु मकर में गोचर करेगा। सिंह से निकलकर केतु कर्क में गोचर करेगा। 16 जनवरी 2026 को धनु से निकलकर मंगल मकर में गोचर करेगा। इसके बाद वह कुंभ, मीन, मेष, मिथुन, कर्क और सिंह में गोचर करेंगे। उन्होंने बताया कि गुरु की मिथुन राशि में स्थिति के दौरान, मीडिया में भ्रमित सूचनाओं का प्रसार और कूटनीतिक तनाव बढ़ सकते हैं।

 गुरु की कर्क राशि में उच्च अवस्था के दौरान जलवायु परिवर्तन के कारण बाढ़, तूफान और जल संबंधित प्राकृतिक आपदाएं बढ़ सकती हैं। जब गुरु, कर्क राशि के दौरान आर्थिक स्थिरता, सरकारी कल्याण योजनाओं, कृषि और रियल एस्टेट क्षेत्र में सुधार की उम्मीद की जा सकती है। 31 अक्तूबर 2026 को गुरु, सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे प्रभावशाली नेताओं का उदय और वैश्विक राजनीति में बदलाव की संभावना है।



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