देश भर के प्राथमिक शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने के विरोध में एक बार फिर आंदोलन शुरू हो गया है। इसके तहत टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया व उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से सोशल मीडिया एक्स पर ”जस्टिस फॉर टीचर” अभियान चलाया।
दोपहर दो से शाम चार बजे तक चलाए गए अभियान में लाखों शिक्षकों ने अपनी बात रखी। साथ ही इस मामले में केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय को आगे आकर जल्द प्रभावी कार्यवाही करने की मांग की। इसके लिए संसद से कानून पारित करने का भी मुद्दा उठाया। इसी क्रम में कल से शिक्षक काली पट्टी बांधकर पठन-पाठन का काम करेंगे।
टीएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि देश के सभी राज्यों में आरटीई लागू होने के पूर्व राज्यों द्वारा निर्धारित अर्हता रखने वाले अभ्यर्थियों को ही शिक्षक पद पर नियुक्त किया गया है जोकि 25-30 वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे हैं।
परन्तु आरटीई लागू होने के बाद शिक्षक पद पर नियुक्ति हेतु निर्धारित अर्हता उसके पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर थोपना सरासर अन्याय है। हम केंद्र सरकार से अनुरोध करते हैं कि संसद द्वारा कानून पारित कराकर इस अन्याय पर रोक लगाकर देश के लाखों शिक्षकों और उनके परिजनों को न्याय दिलाया जाये।
