इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ से डांसर व गायिका सपना चौधरी को पासपोर्ट मामले में राहत मिली है। कोर्ट ने उनके पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने से इन्कार करने का ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया है। साथ ही अदालत ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करे। एक आपराधिक मामले में सपना जमानत पर हैं।
न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने यह आदेश सपना चौधरी की अर्जी मंजूर करके दिया। उन्होंने पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने से इन्कार करने के ट्रायल कोर्ट के बीते जून में दिए गए आदेश को चुनौती दी थी।
कोर्ट ने कहा कि सपना को मंजूर की गई जमानत आदेश में उनके देश छोड़ने पर प्रतिबंध जैसी कोई शर्त नहीं लगाई गई है। साथ ही कहा कि ऐसी कोई सामग्री नहीं है जिससे पता चले की वह पलायन रिस्क पर हैं। दरअसल, वर्ष 2018 में सपना के खिलाफ लखनऊ में एक शो के कथित रूप से निरस्त होने का आपराधिक केस चल रहा है।
इस मामले में वह जमानत पर हैं। जमानत आदेश में ऐसी कोई शर्त नहीं लगाई गई है कि वह अदालत की अनुमति के बगैर देश नहीं छोड़ेंगी। सपना के वकील का कहना था कि ऐसे में उनके पासपोर्ट के नवीनीकरण की अनुमति न देने से उनके मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है। उधर, केंद्र सरकार के अधिवक्ता ने अर्जी का विरोध किया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि सपना के पासपोर्ट, जिसका 10 साल के लिए नवीनीकरण होना है, के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र मंजूर करे।
