आतंकी गतिविधियों में गिरफ्तार की गई डाॅ. शाहीन के भाई डॉ. परवेज के करीबियों के बारे में जांच एजेंसियां पता लगा रही हैं। अब तक की छानबीन में परवेज का कनेक्शन राजधानी में रहने वाले कुछ कश्मीरी लोगाें के साथ मिला है। इसके बाद लखनऊ के अलग-अलग शिक्षण संस्थाओं में जम्मू-कश्मीर के छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

स्थानीय अभिसूचना ईकाई (एलआईयू) को कश्मीर मूल के लोगों को ब्योरा जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है। डॉ. परवेज के इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में काम करने के दौरान उससे मिलने कौन लोग आते थे, इसका ब्योरा भी जुटाया जा रहा है। उसके घर से मिले मोबाइल के कॉल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।इंटीग्रल यूनिवर्सिटी ने एटीएस को जम्मू-कश्मीर के छात्रों की सूची दी है। अब अन्य शिक्षण संस्थाओं में भी पड़ताल की जा रही है।

सूत्रों का कहना है कि परवेज कई वाट्सएप ग्रुप और टेलीग्राम चैनल में सक्रिय था। वाट्सएप व टेलीग्राम के जरिये ही वह जरूरी सूचनाओं का आदान-प्रदान करता था। परवेज के कुछ करीबी पुलिस के रडार पर हैं, जिनसे पूछताछ की तैयारी है।

सहारनपुर के साथियों के बारे में तफ्तीश

अब तक की जांच में पता चला है कि डॉ. परवेज ने सहारनपुर में क्लीनिक खोली थी। बताया जा रहा है कि इस दौरान कुछ लोगों से उसके संपर्क हो गए थे। जांच एजेंसियां परवेज के सहारनपुर के करीबियों के बारे में भी पता लगा रही हैं। शुरू के दिनों में वह पत्नी और बेटी के साथ सहारनपुर में रहा। बाद में उसकी पत्नी बेटी को लेकर बिहार चली गई। पत्नी के कई बार कहने पर भी परवेज परिवार के साथ बिहार में रहने नहीं गया। परवेज अकेले ही आईआईएम रोड स्थित मकान में रहता था। कभी-कभी ही उसके परिचित वहां उससे मिलने आते थे।



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