भारत-नेपाल सीमा से सटे यूपी के 7 जिलों में 17 लाख से ज्यादा मतदाता कम हुए हैं। बलरामपुर, बहराइच और सिद्धार्थनगर में प्रदेश के औसत से ज्यादा नाम सूची से बाहर हुए हैं। अलबत्ता, इस लिहाज से पीलीभीत और लखीमपुर खीरी में स्थिति बेहतर है।
यूपी में भारत-नेपाल सीमा से सटे जिले पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महराजगंज हैं। इन जिलों के लोगों का नेपाल के साथ रोटी-बेटी का पारंपरिक संबंध है। नेपाल सीमा पर घुसपैठ की समस्या के चलते यहां की मतदाता सूची पर सभी की नजर थी। इसके अलावा नेपाल की उन लड़कियों का मामला भी फंसा रहा, जिन्होंने सीमावर्ती भारतीय जिलों के पुरुषों से विवाह तो कर लिया, पर उनके पास भारत की नागरिकता नहीं है।
अंतिम मतदाता सूची में इन 7 जिलों में 17 लाख 36 हजार 132 नाम घटे हैं। इन सातों जिलों में 27 अक्तूबर 2025 को फ्रीज की गई मतदाता सूची के मुकाबले 12.80 प्रतिशत मतदाता कम हुए हैं। 27 अक्तूबर की मतदाता सूची में इन जिलों में कुल 1 करोड़ 35 लाख 63 हजार 531 मतदाता थे।
प्रदेश में मतदाताओं की औसत कमी 13.24 प्रतिशत है, लेकिन बलरामपुर में 17.20 प्रतिशत, बहराइच में 16.12 प्रतिशत और सिद्धार्थनगर में 14.32 प्रतिशत मतदाता कम हुए हैं। संख्या के लिहाज से देखें तो इन जिलों में क्रमश: 272272, 426910 और 281020 मतदाता कम हुए हैं।
पीलीभीत में यह संख्या 117071 (7.97 प्रतिशत), खीरी में 338132 (11.70 प्रतिशत), श्रावस्ती में 100396 (12.28 प्रतिशत) और महराजगंज में 200331 (10.05 प्रतिशत) मतदाता कम हुए हैं।
