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भारतीय रिजर्व बैंक ने बहराइच के नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का लाइसेंस रद्द कर दिया है। सहकारी आयुक्त और रजिस्ट्रार उत्तर प्रदेश से भी बैंक को बंद करने और एक परिसमापक नियुक्त करने का आदेश जारी करने का अनुरोध किया गया है। इसी के साथ बैंक पर हमेशा के लिए ताला लग गया। बीमा कवर की वजह से करीब करीब सभी ग्राहकों को अपना पूरा पैसा मिल जाएगा।
आरबीआई ने बैंक का लाइसेंस कई कारणों से निरस्त किया। बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं बची थीं। बैंकिंग एक्ट का पालन नहीं किया गया। बैंक में ग्राहकों का हित खतरे में आ गया था। भविष्य में नए ग्राहकों के लिए भी बैंक हानिकारक हो सकता था। बैंक अपनी वर्तमान वित्तीय स्थिति के साथ अपने वर्तमान जमाकर्ताओं को भी पूरा भुगतान करने में असमर्थ है।
लाइसेंस को रद्द करने के परिणामस्वरूप, नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड बहराइच को ”बैंकिंग” का व्यवसाय करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रत्येक जमाकर्ता बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) के अंतर्गत पांच लाख रुपये तक अपनी जमा राशि का बीमा दावा राशि प्राप्त करने का हकदार होगा। बैंक के आंकड़ों के मुताबिक 99.87% जमाकर्ताओं को बीमा कवर की वजह से अपनी पूरी जमा राशि मिल जाएगी।
