महिला अपराध पर अंकुश लगाने के लिए मिशन शक्ति केंद्रों को मजबूत और प्रभावी बनाया जाएगा। इसलिए मिशन शक्ति 5.0 के तहत प्रदेश सरकार प्रत्येक केंद्र को चार-चार स्कूटी और एक-एक मोबाइल फोन उपलब्ध कराएगी। जिससे केंद्रों पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों को पुलिसिंग में सहूलियत होगी।

मिशन शक्ति के तहत प्रदेश में 1600 मिशन शक्ति केंद्र हैं। ये केंद्र भीड़भाड़ वाले इलाकों, स्कूल-कॉलेज, बाजार आदि संवेदनशील स्थानों के असपास बनाए गए हैं। केंद्रों पर महिला पुलिसकर्मियों की ही तैनाती की गई है। महिला संबंधी अपराध की शिकायत पर ये केंद्र तत्काल रेस्पांड करते हैं। महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन की नोडल अधिकारी एडीजी पद्मजा चौहान ने बताया कि मिशन शक्ति के पांचवें फेज में केंद्रों पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी दी जाएंगी। हर केंद्र पर चार यानी सभी केंद्रों पर कुल 6400 स्कूटी दी जाएंगी। 1600 मोबाइल फोन भी प्रत्येक केंद्र को दिए जाएंगे।

बेहतर रेस्पांस के लिए कवायद

एडीजी ने बताया कि किसी भी सूचना पर महिला पुलिसकर्मियों का घटना स्थल पर जल्द पहुंचना बेहद जरूरी होता है। स्कूटी मिलने से ये आसान होगा। चंद मिनट में वह मौके पर होंगी। इससे कार्रवाई करने में आसानी होगी। रेस्पांस टाइम कम होगा। एडीजी के मुताबिक वर्ष-2026 में मिशन शक्ति केंद्रों में और सुविधाएं बढ़ाई जाएंगे। जिससे महिला उत्पीड़न व अपराध संबंधी मामलों में सख्त कार्रवाई की जा सके। घटनाओं को रोका भी जा सके।

रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी

केंद्र पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों को दिए गए मोबाइल हैंडसेट पर दिए गए एप पर प्रत्येक सूचना व घटना का विवरण भरना होगा। इससे अफसर रियल टाइम मॉनिटरिंग भी कर सकेंगे। इससे केंद्र पर तैनात पुलिसकर्मी अफसरों से समन्वय भी बना सकेंगे।



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