पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने कहा कि पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति एवं शुल्क भरपाई के लिए अभिभावकों की आय सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये सालाना कर दी गई है। साथ ही कक्षा-9 व 10 के पिछड़े वर्ग के छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति राशि 2250 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये किए जाने की भी घोषणा की गई है।
उन्होंने लखनऊ में अपने सरकारी आवास पर प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्णय से छात्र हित में ये वृद्धि की गई है। वर्ष 2026-27 में लगभग 38 लाख विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन पेंशन राशि 1000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह होने जा रही है। वर्ष 2017 से पहले यह राशि मात्र 300 रुपये थी, जिसे योगी सरकार ने चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर अब पांच गुना तक पहुंचा दिया है। इसके लिए पेंशन मद में 1400 करोड़ रुपये से अधिक की व्यवस्था हो चुकी है।
अब छात्रवृत्ति वितरण के लिए नहीं करते 31 मार्च का इंतजार
नरेंद्र कश्यप ने कहा कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत वर्ष 2023-24 से प्रदेश में एक भी पात्र छात्र-छात्रा भुगतान से वंचित नहीं रह रहा है। उन्होंने कहा कि पहले छात्रवृत्ति वितरण वित्त वर्ष के अंतिम दिन 31 मार्च को होता था, लेकिन योगी सरकार में 25 सितंबर से ही छात्रवृत्ति वितरण प्रारंभ कर दिया। अब तक लगभग 20 लाख छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति दी जा चुकी है।
