पावर कारपोरेशन ने बिजली कंपनियों की ओर से शुक्रवार देर शाम विद्युत नियामक आयोग में वर्ष 2026_27 के लिए वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ए आर आर) दाखिल कर दिया है। इसमें करीब 90 हजार करोड़ की बिजली खरीद का प्रस्ताव दिया गया है।

विद्युत वितरण निगम की ओर से हर वर्ष 30 नवबर तक पॉवर कारपोरेशन को विद्युत नियामक आयोग में वार्षिक राजस्व आवश्यकता प्रस्ताव दाखिल करना होता है। पिछले वर्ष कॉरपोरेशन ने कई बार संशोधित प्रस्ताव दाखिल किया था। ऐसे में नियामक आयोग ने निर्देश दिया था कि कारपोरेशन 15 दिसंबर तक प्रस्ताव दाखिल करे। इसमें किसी तरह के बदलाव की गुंजाइश न रहे। फिर भी पवार कारपोरेशन ने शुक्रवार देर शाम विद्युत नियामक आयोग में वार्षिक राजस्व आवश्यकता प्रस्ताव दाखिल कर दिया। 

विद्युत नियामक आयोग में वर्ष 2025-26 का वार्षिक राजस्व आवश्यकता लगभग 1 लाख 25000 करोड़ दाखिल किया गया है। इसमें  वर्ष 2026-27 का गैप लगभग 9000 से 10000 करोड़ के बीच में है। वही 2024 -25 का गैप लगभग 4000 करोड़ है।

बिजली कंपनियों ने वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 90 हजार करोड़ की बिजली खरीद प्रस्तावित की है, जबकि वितरण हानियों को 13% प्रस्तावित किया गया है। आय और व्यय के गैप के जरिए कारपोरेशन ने एक बार फिर  बिजली दरों में बढ़ोतरी की कोशिश की है। संभव है कि अगले साल से बिजली की दर महंगी हो जाएं। 

इस दिन 14 घंटे ठप रहेंगी सेवाएं

 यूपी पाॅवर कॉर्पोरेशन की ओर से रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम में ओटीएस के विवरण को अपग्रेड करने के लिए प्रदेश भर में 29 नवंबर की रात 10 बजे से बिजली उपभोक्ता सेवाएं 14 घंटे तक ठप रहेंगी। इस दौरान न तो ऑनलाइन बिल जमा होंगे और न ही मीटर रिचार्ज हो सकेंगे।

गोमतीनगर जोन के मुख्य अभियंता सुशील गर्ग ने बताया कि इस संबंध में शुक्रवार को अधीक्षण अभियंता (आईटी) अरविंद सिंह की ओर से एक आदेश जारी किया गया है। इसके मुताबिक 29 नवंबर की रात 10 से 30 नवंबर दोपहर 12 बजे तक उपभोक्ता संबंधी कोई काम न तो कार्यालय में होगा और न ही ऑनलाइन। उन्होंने बताया कि बिजली बिल राहत योजना 2025-25 (ओटीएस) नियम और निर्देश को रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम में फीड करने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन सिस्टम को ठप किया गया है।

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *