प्रदेश में भवनों का नक्शा अब आसानी से पास हो सकेगा। नक्शा पास करने में आने वाली कई तरह की व्यवहारिक तकनीकी दिक्कतों को दूर कर दिया गया है। इसके लिए आवास विभाग द्वारा तैयार किए भवन विकास उपविधि के मुताबिक नक्शा पास करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस उपविधि के आधार पर नक्शा पास करते समय अन्य नीतियों का लाभ जरूरत के आधार पर दिया जा सकेगा।
इस संबंध में आवास विभाग के विशेष सचिव राजेश कुमार राय ने सोमवार को आदेश जारी करते हुए सभी विकास प्राधिकरणों को इसके आधार पर ही नक्शा पास करने के निर्देश दिए हैं। शासन स्तर से जारी आदेश के मुताबिक विकास प्राधिकरण शहरों में भवन विकास उपविधि के आधार पर नक्शा पास करेंगे, लेकिन कुछ मामलों में हाईटेक और इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीतियों के आधार पर भी सुविधाएं दी जाएंगी। गाजियाबाद, बुलंदशहर-खुर्जा, प्रयागराज, मथुरा-वृंदावन और लखनऊ विकास प्राधिकरण ने शासन से नक्शा पास करने को लेकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था।
बता दें कि आवास विभाग ने वर्ष 2025 में नई भवन विकास उपविधि जारी की है। विकास प्राधिकरणों को इसके आधार पर नक्शा पास करने को कहा गया है, लेकिन समय-समय हाईटेक टाउनशिप और इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति जारी की गई है। इन नीतियों में बिल्डरों को दी गई सुविधाएं लागू हैं। इन नीतियों की अनुमन्यताएं जैसे एफएआर, भवन की ऊंचाई, मिश्रित उपयोग जैसे मापदंडों से संबंधित विशिष्ट प्रावधान उपविधि से अधिक होने की स्थिति में संबंधित नीति के प्रावधान प्रभावी होंगे। इससे बड़ा नक्शा पास करने को लेकर आने वाली दुविधाएं दूर हो गई हैं।
