प्रदेश के कई हिस्सों में रविवार को दूसरे दिन भी आंधी-बारिश के साथ ओले गिरे। बुंदेलखंड और सेंट्रल यूपी के जिलों में आंधी के साथ तेज बारिश हुई। कानपुर, बांदा, जालौन, इटावा, औरैया, फर्रुखाबाद, हरदोई में ओले भी गिरे। झांसी, ललितपुर, अलीगढ़, बुलंदशहर, मथुरा में बारिश हुई। इटावा में सबसे अधिक 30 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस दौरान हुए हादसों में अवध के चार लोगों समेत 12 लोगों की मौत हो गई।
पश्चिमी विक्षोभ और निम्न क्षोभमंडल में पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर बने चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव वेस्ट और सेंट्रल यूपी में रविवार को भी रहा। शनिवार देर शाम आंधी-पानी के दौरान सीतापुर और रायबरेली में दो-दो लोगों की मौत हो गई। बिजली गिरने से झांसी में एक किसान, अलीगढ़ में एक किशोरी की मौत हो गई। कानपुर में दो महिलाओं और एक वृद्ध की बारिश और आंधी के कारण हुए हादसों में मौत हो गई। जालौन में पेड़ गिरने से वृद्ध, फतेहपुर और इटावा में दीवार ढहने से किसान और महिला की मौत हो गई।
किसानों की बढ़ी मुसीबत
आंधी-बारिश और ओलों ने किसानों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। गेहूं, सरसों, मूंगफली, खरबूजा, तरबूज व सब्जियों की फसल को नुकसान हुआ। कन्नौज में गेहूं और आलू किसानों को नुकसान पहुंचा है। प्रयागराज में ओलावृष्टि से गेहूं की पकी फसल चौपट हो गई। बुलंदशहर में ओले गिरने से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है।