उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 के प्रथम चरण हाउस लिस्टिंग एवं आवास जनगणना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मई–जून 2026 में प्रस्तावित इस चरण को पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके लिए प्रदेशभर में करीब छह लाख कार्मिकों की तैनाती की जाएगी।

मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (एसएलसीसीसी) की द्वितीय बैठक में जनगणना-2027 के प्रथम चरण की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि हाउस लिस्टिंग एवं आवास जनगणना का कार्य समयबद्ध, पारदर्शी और तकनीक आधारित तरीके से संपन्न कराया जाए।

बैठक में बताया गया कि प्रथम चरण के तहत घरों, भवनों और आवासीय सुविधाओं से संबंधित आंकड़ों का संग्रहण, प्रविष्टि, सत्यापन और अनुश्रवण पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगा। इसके लिए कार्मिकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा और अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत किया जाएगा।

सरकार ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रदेश की किसी भी प्रशासनिक इकाई के क्षेत्राधिकार में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा, ताकि प्रथम चरण की जनगणना बिना बाधा पूरी हो सके।

बैठक में पूर्व में बुलंदशहर, बहराइच और प्रयागराज में किए गए प्री-टेस्ट के अनुभवों की समीक्षा की गई और प्राप्त फीडबैक को प्रथम चरण की अंतिम कार्ययोजना में शामिल करने का निर्णय लिया गया। सामान्य प्रशासन विभाग को राज्य नोडल विभाग के रूप में सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।



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