इस बार ग्रीष्म ऋतु में तापमान सामान्य से तीन डिग्री तक अधिक रहने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, शीत ऋतु में प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभों की सक्रियता कम रही। इसके साथ ही सामान्य से कम वर्षा होने के चलते प्रदेश में औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 1-3 डिग्री अधिक और औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 1-2 तक अधिक रहा।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान में भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में जारी ला-निना परिस्थितयों के उत्तरोत्तर क्षीण होने की वजह से आगामी ग्रीष्म ऋतु के दौरान तटस्थ नीनो परिस्थितियों में बदलाव देखने को मिलेगा। नगण्य हिन्द महासागरीय द्विध्रुव की तटस्थ परिस्थितियों के कारण मार्च माह के दौरान प्रदेश के ज्यादातर भाग में औसत मासिक अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास रहेगा। इससे उष्ण लहर न चलने के बावजूद आगामी ग्रीष्म ऋतु (मार्च-अप्रैल-मई) के दौरान औसत अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
इसके दृष्टिगत ग्रीष्म ऋतु के उत्तरार्द्ध में पूर्वांचल समेत प्रदेश के तराई इलाकों में लू के दिनों की संख्या में बढ़ोतरी के भी आसार हैं। आगामी ग्रीष्म ऋतु के दौरान औसत मासिक न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की सम्भावना है।
इसी क्रम में मार्च के प्रथम सप्ताह के शुरुआती 3-4 दिनों के दौरान प्रदेश में 25-35 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज उत्तरी-पश्चिमी हवाएं चलने के असर हैं जिससे तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा। सप्ताहांत में अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री की क्रमिक वृद्धि के परिणामस्वरूप सामान्य से अधिक तापमान जारी रहने की संभावना है।
