बदायूं के मूसाझाग क्षेत्र में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) प्लांट में दो अधिकारियों की हत्या के मामले का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से संज्ञान लिया। गहनता से जांच के लिए बरेली मंडलायुक्त के नेतृत्व में एसआईटी गठित की। वहीं प्रकरण में डीएसपी डॉ. देवेंद्र कुमार को भी हटा दिया गया है। वह सीओ उझानी थे। उनको मुख्यालय संबद्ध कर किया गया है। राहुल पांडेय-प्रथम का तबादला बदायूं किया गया है।
12 मार्च की दोपहर गांव सैजनी स्थित एचपीसीएल प्लांट में अजय प्रताप सिंह ने प्लांट प्रबंधक सुधीर गुप्ता (58) और उप प्रबंधक हर्षित मिश्रा (34) की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मुठभेड़ में आरोपी का गिरफ्तार किया गया था। उसके दोनों पैरों में गोली लगी थी। शुक्रवार को मामले में एसपी बदायूं डॉ. बृजेश कुमार सिंह को हटाया गया था। अमर उजाला ने शनिवार को खुलासा किया कि प्रबंधक व उप प्रबंधक ने 14 जनवरी को डीएम से मिलकर सुरक्षा की मांग थी। डीएम ने सीओ को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। लेकिन, सुरक्षा नहीं दी गई थी, करीब दो महीने बाद दोनों की हत्या कर दी गई। इसलिए सीओ पर कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई होगी।
अगर कोई साजिश होगी तो वह बेनकाब होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईटी घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच करेगी। मुख्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके बावजूद यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की साजिश या अन्य आपराधिक संलिप्तता के संकेत मिलते हैं तो ऐसे लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चौकी बनाई गई, पीड़ित परिवारों को आश्वासन
वारदात के बाद शासन ने प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। तत्काल प्लांट में पुलिस चौकी बना दी गई है। सीएम ने अफसरों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस तरह की कोई वारदात न हो। अगर घटना होती है तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने दुखद घटना में प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है। न्याय मिलेगा, किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
