बसपा को उम्मीद है विधानसभा-2027 चुनाव में सवर्ण जीत का स्वाद चखा सकते हैं। इसमें ब्राह्मणों की भूमिका सबसे अहम हो सकती है। इसलिए बसपा सुप्रीमो मायावती लगातार ब्राह्मणों के हितों के लिए लगातार मुखर होकर मुद्दों पर बात रख रही हैं। शुक्रवार को पदाधिकारियों संग हुई बैठक में एक बार फिर ब्राह्मणों के हितों की बात करते हुए बसपा को ही समाज का हितैषी बताया है।

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लोकसभा चुनाव में मायावती ने मुस्लिमों पर भरोसा जताकर टिकट दिए थे। इसके बावजूद बसपा को मुस्लिमों के ही वोटों का संकट रहा था। तब मायावती ने बयान दिया था कि भविष्य में वह मुस्लिमों को सोच समझकर ही टिकट देंगी। चूंकि सवर्ण चार बार उनको जीत का स्वाद चखा चुके हैं। इसलिए उन्होंने इस बार ब्राह्मणों को केंद्र में रखकर विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंका है। 

इसका एक ताजा उदाहरण विवादित वेब सीरीज घूसखोर पंडत है। जिस पर मायावती ने ब्राह्मणों के पक्ष में खुलकर बात रखी और फिल्म की आलोचना की। ये भी कहा कि कुछ समय से यूपी ही नहीं बल्कि अब फिल्मों में भी पंडत को घूसखोर आदि बताकर अपमानित किया जा रहा है। यही नहीं उन्होंने सीरीज पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की। साफ है कि मायावती ब्राह्मण कार्ड के सहारे आगामी चुनाव में अपनी खोई हुई सियासत जमीन हासिल करना चाहती हैं। इसी संदेश को मायावती ने पदाधिकारियों को भी दिया है।



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